ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन के लिए ‘एकीकृत स्मार्ट विलेज केन्द्रों’ पर जोर, सेतु आयोग ने बनाई कार्ययोजना
देहरादून। सचिवालय में सेतु आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यटन, कृषि, उद्यान, स्वास्थ्य, तकनीकी विकास तथा रोजगार सृजन से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि सेतु आयोग द्वारा विभिन्न जनपदों में ग्रामीण स्तर पर सार्वजनिक सेवाओं और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार के लिए ‘एकीकृत स्मार्ट विलेज केन्द्रों’ की शुरुआत की गई है। इन केन्द्रों का उद्देश्य विकास की संभावनाओं का आकलन कर दीर्घकालिक योजनाएं तैयार करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की पहुंच को मजबूत बनाना है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि राज्य की भौगोलिक एवं पर्यावरणीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संतुलित, समावेशी और सतत विकास के लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि किसानों, महिलाओं और युवाओं तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए विभागीय कन्वर्जन मॉडल के तहत स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है।
उन्होंने विभिन्न विभागों को ग्रामोत्थान के लिए योजनाओं को कन्वर्जन मोड में संचालित करने तथा ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं के सहयोग से कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही पंचायत स्तर पर चिन्हित केन्द्रों के प्रतिनिधियों को स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर एक वर्ष की कार्ययोजना तैयार करने और उसे जून के अंतिम सप्ताह तक उपलब्ध कराने को कहा।
बैठक में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम स्तर पर समस्याओं के समाधान, स्मार्ट सेंटरों के विकास, हेल्प डेस्क की स्थापना, स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देने तथा योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए बिजनेस मॉडल और एसओपी तैयार करने जैसे सुझाव भी सामने आए।
इस अवसर पर डॉ. भावना शिंदे सहित सेवायोजन, जलागम, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के अधिकारी तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

