सिडकुल, IT Park देहरादून में करीब ₹4000 करोड़ की सरकारी भूमि के आवंटन में घोटाले की संभावना :अभिनव थापर
देहरादून।उत्तराखंड के सबसे बड़े IT पार्क, जो देहरादून के सहस्रधारा रोड पर स्थित है, की लगभग 98.5 एकड़ सरकारी भूमि का आवंटन विवादों में घिरा हुआ है। इसकी वर्तमान बाज़ार कीमत ₹4000 करोड़ के आसपास है और इसके आवंटन में गंभीर अनियमितताओं और संभावित घोटाले की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में कांग्रेस नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिनव थापर ने प्रेस वार्ता आयोजित कर तथ्यों और दस्तावेजों के साथ मामले का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने 2023 में RTI के माध्यम से सिडकुल से भूमि आवंटन प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेजों की मांग की थी, लेकिन 2 साल से अधिक समय के बावजूद उन्हें कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है और न ही दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है।
23 अप्रैल 2024 को फर्स्ट अपील पर स्पष्ट आदेश दिए गए थे कि अगर पत्रावली नहीं मिलती है तो “विधिक कार्यवाही” की जाए, लेकिन सिडकुल प्रशासन ने न FIR दर्ज की और न ही सूचना प्रदान की। सिडकुल के पत्रों में यह साफ बताया गया कि IT पार्क आवंटन से संबंधित पत्रावली कार्यालय में उपलब्ध ही नहीं है।
अभिनव थापर द्वारा दायर सेकंड अपील के बाद, मुख्य सूचना आयुक्त ने 5 अगस्त 2025 को सिडकुल को आदेश दिया कि गायब फाइल पर FIR दर्ज की जाए। आश्चर्यजनक रूप से, FIR के आदेश के बाद यह फाइल अचानक सिडकुल में “TRACE” हो गई, जबकि इससे पहले यह दो वर्षों से “UNTRACEABLE” बताई जा रही थी।
अभिनव थापर ने कहा कि सिडकुल के अधिकारियों के खिलाफ तत्काल उच्च स्तरीय जांच शुरू की जाए और इस मामले में क्रिमिनल FIR दर्ज की जाए, ताकि यह पता चल सके कि किन अधिकारियों ने इस फाइल को दबा रखा था। उन्होंने इसे सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि एक गंभीर आर्थिक अपराध बताया और कहा कि कांग्रेस इस घोटाले को किसी भी हालत में दबने नहीं देगी।
प्रेस वार्ता में उनके साथ उत्तराखंड कांग्रेस सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कर्नल रामरतन नेगी, पार्षद कोमल वोहरा, शीशपाल बिष्ट, मोहन काला, अरुण बलूनी और अन्य कांग्रेस नेता भी उपस्थित थे।
