आंगनबाड़ी हड़ताल पर टकराव तेज: विभाग की सख्ती के बीच संगठन अड़ा, कार्य बहिष्कार जारी

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देहरादून। उत्तराखंड में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती/सेविका/मिनी कर्मचारी संगठन और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। विभाग द्वारा हड़ताल पर गई कार्यकर्ताओं को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं, वहीं संगठन ने इसे “धमकी भरा कदम” बताते हुए आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।


विभाग ने अपने निर्देशों में स्पष्ट किया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल से पोषण ट्रैकर, केंद्र संचालन और 9 से 23 अप्रैल तक चल रहे पोषण पखवाड़ा जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में सभी कार्यकर्ताओं को चार दिन के भीतर कार्य पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
वहीं संगठन की प्रदेश अध्यक्षा श्रीमती रेखा नेगी ने निदेशक को भेजे पत्र में कहा है कि प्रदेशभर में हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। 14 मार्च 2026 को प्रदेश स्तरीय रैली के दौरान प्रशासन द्वारा किए गए व्यवहार को उन्होंने निंदनीय बताते हुए कहा कि इससे कार्यकर्ताओं में भारी रोष है।

संगठन ने अपनी प्रमुख मांगों में मानदेय वृद्धि, ₹300 की कटौती बंद करना, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये, बायोमेट्रिक व्यवस्था समाप्त करना और विभिन्न कार्यों के लिए उचित भत्ता देने की बात रखी है। संगठन का आरोप है कि विभाग मोबाइल मॉनिटरिंग तो करता है, लेकिन रिचार्ज, ईंधन, यात्रा भत्ता और अन्य खर्चों का पर्याप्त भुगतान नहीं किया जाता।

संगठन ने ऐलान किया है कि 1 अप्रैल से सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लगाए गए हैं और जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक कार्यकर्ता न तो विभागीय कार्य करेंगी और न ही बीएलओ ड्यूटी निभाएंगी। यह सूचना ब्लॉक, जिला और परियोजना स्तर तक पहले ही भेजी जा चुकी है।

संगठन ने विभाग से वार्ता कर समाधान निकालने की मांग करते हुए कहा कि कार्रवाई के बजाय संवाद का रास्ता अपनाया जाए। वहीं विभाग अपने निर्देशों पर सख्त रुख बनाए हुए है, जिससे प्रदेश में स्थिति और अधिक तनावपूर्ण होती जा रही है।

देवभूमि खबर

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