कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने केंद्रीय बजट को दिशाहीन और महंगाई बढ़ाने वाला बताया

कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने केंद्रीय बजट को दिशाहीन और महंगाई बढ़ाने वाला बताया
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उत्तराखंड की उपेक्षा, बेरोजगारी और किसान हितों की अनदेखी का लगाया आरोप

देहरादून।उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने केंद्रीय आम बजट को दिशाहीन, प्रगतिहीन और आम आदमी के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट महंगाई बढ़ाने वाला है और इसमें उत्तराखंड की पूरी तरह से अनदेखी की गई है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपनी हठधर्मिता का परिचय देते हुए ऐसा बजट पेश किया है, जो विकास विरोधी है और देश की आर्थिक वृद्धि को नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट केवल गठबंधन सरकार को बचाने के लिए बनाया गया है, जिसमें बिहार के लिए बड़ी घोषणाएं की गई हैं, जबकि अन्य राज्यों को निराश किया गया है। माहरा ने कहा कि वित्त मंत्री ने केवल आंकड़ों की बाजीगरी कर महंगाई और बेरोजगारी को बढ़ाने वाला बजट पेश किया है, जिससे आम आदमी के सिर पर बोझ बढ़ेगा।

करन माहरा ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों को राज्य के लिए विशेष पैकेज की उम्मीद थी, लेकिन बजट में राज्य के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई। आपदाग्रस्त क्षेत्रों, पलायन रोकने, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया, जिससे राज्य की जनता में निराशा है। उन्होंने कहा कि जीएसटी के नुकसान की भरपाई और महंगाई से राहत देने के लिए भी बजट में कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि इस बजट में नौजवानों के भविष्य की घोर उपेक्षा की गई है। नोटबंदी और जीएसटी के कारण पहले ही लाखों लघु एवं मध्यम उद्योग बंद हो चुके हैं, रियल एस्टेट सेक्टर प्रभावित हुआ है और किसानों को उनकी लागत का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जिससे बेरोजगारी बढ़ी है। वित्त मंत्री ने इस बजट में नए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए कोई ठोस योजना नहीं दी और न ही बेरोजगारों के पुनर्वास का कोई प्रावधान किया।

माहरा ने बजट को पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने वाला बताते हुए कहा कि इसमें महिलाओं के लिए भी कोई विशेष प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार केवल भाषणों में महिला सशक्तिकरण की बात करती है, लेकिन बजट में इसका कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। किसानों के लिए भी कोई राहत नहीं दी गई और उनकी कर्ज माफी की बात तक नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को उनकी लागत का डेढ़ गुना दाम देने का वादा केवल दिखावा साबित हुआ है और इस बजट में भी उनकी आय बढ़ाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।

करन माहरा ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों को उम्मीद थी कि राज्य के कुछ हिस्सों को सीधे रेल सेवा से जोड़ा जाएगा, लेकिन इस बार भी केंद्र सरकार ने राज्य की जनता की उम्मीदों को तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने चारधाम को रेल सेवा से जोड़ने के वादे किए थे, लेकिन इस बजट में इस पर कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए ग्रीन बोनस जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं पर भी सरकार ने चुप्पी साध ली है।

करन माहरा ने इस बजट को बड़े उद्योगपतियों के हाथों की कठपुतली करार देते हुए कहा कि इसमें समाज के कमजोर वर्गों, बेरोजगारों और महिलाओं के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर साल दो करोड़ बेरोजगारों को नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन यह भी अन्य वादों की तरह चुनावी जुमला साबित हुआ है।

करन माहरा ने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग के खिलाफ है। इसमें उत्तराखंड की जरूरतों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है और केवल घोषणाओं का अंबार लगाया गया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का यह बजट पूरी तरह से असंतुलित और जनविरोधी है, जिससे आम आदमी को कोई राहत नहीं मिलेगी।

देवभूमि खबर

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