सांस्कृतिक दलों ने डीजी सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग से मानदेय और जियो टैग फोटो बाध्यता में राहत की मांग की
देहरादून। उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में शासकीय प्रचार-प्रसार के लिए तैनात सांस्कृतिक दलों ने सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग से अपनी समस्याएं साझा की हैं। दलों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित मानदेय के कारण उनके लिए प्रतिदिन कार्यक्रम करना और जियो टैग फोटो की अनिवार्यता पूरी करना संभव नहीं हो पा रहा है।
सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग, निदेशालय देहरादून द्वारा पंजीकृत सांस्कृतिक दलों को शासकीय प्रचार-प्रसार हेतु कार्यक्रम आवंटित किये गये हैं। विभागीय पत्रांक संख्या 84-86 दिनांक 15 अक्टूबर 2025 के अंतर्गत इन दलों को प्रतिदिन एक कार्यक्रम करने एवं जियो टैग फोटो उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सांस्कृतिक दलों ने महानिदेशक, सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग, देहरादून को प्रेषित पत्र में बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए कई स्थानों पर नेटवर्क की अनुपलब्धता के कारण जियो टैग फोटो भेजना संभव नहीं है। साथ ही कई दलों को उनके मुख्यालय से 250 से 300 किलोमीटर दूर कार्यक्रम आवंटित किए गए हैं, जबकि प्रति कार्यक्रम मानदेय केवल ₹2400 से ₹8400 तक निर्धारित किया गया है।
दल प्रमुखों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में इतनी कम राशि में दूरस्थ क्षेत्रों तक जाकर कार्यक्रम करना कलाकारों के लिए अत्यंत कठिन है और यह उनकी आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।
उन्होंने महानिदेशक से अनुरोध किया है कि कार्यक्रमों की शर्तों में प्रति दिन एक कार्यक्रम एवं जियो टैग फोटो की बाध्यता को समाप्त किया जाए ताकि सभी सांस्कृतिक दल सुचारू रूप से विभागीय प्रचार-प्रसार कार्यक्रमों का संचालन कर सकें।

