फर्जी डॉक्टर और कस्टम अफसर बनकर ₹50 लाख की ठगी करने वाला साइबर ठग हिमांशु शिवहरे हिमाचल से गिरफ्तार
देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ साइबर क्राइम पुलिस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सोशल मीडिया फ्रॉड से करीब ₹50 लाख की ठगी करने वाले शातिर ठग हिमांशु शिवहरे को हिमाचल प्रदेश के कालाआंब क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को फर्जी डॉक्टर और कस्टम अफसर बताकर ठगी करता था। इस प्रकरण में इससे पहले भी एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पीड़ित को झांसे में लेने के लिए फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल “Dr. Loveth Gibson” बनाई गई और उससे संपर्क करने के बाद व्हाट्सएप चैट व कॉल के माध्यम से विश्वास में लिया गया। इसके बाद जाली कस्टम अधिकारी “सरवन खान” और फर्जी बैंक अफसर “डेविड जॉनसन” बनकर विभिन्न बहानों—कस्टम क्लियरेंस, बैगेज चार्ज, फ्लाइट टिकट, RBI नियम व विदेशी मुद्रा शुल्क—का हवाला देकर लगातार धनराशि मांगी गई। पीड़ित को नकली पासपोर्ट, फ्लाइट टिकट, बैंक संदेश और QR कोड दिखाकर कुल ₹50,01,218/- रुपये जमा करवाए गए। जब पीड़ित ने रकम वापस लेने का प्रयास किया तो अंतरराष्ट्रीय टैक्स और नियमों का बहाना बनाकर ठगी का पर्दाफाश हुआ।
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि आरोपी हिमांशु शिवहरे मुरैना (मध्य प्रदेश) का निवासी है और संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य है। वह अलग-अलग नामों से फर्जी प्रोफाइल बनाकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम देता था। मामले की विवेचना साइबर थाना देहरादून के निरीक्षक विकास भारद्वाज को सौंपी गई। जांच के दौरान बैंकों, मोबाइल कंपनियों और मेटा से डेटा प्राप्त कर विश्लेषण किया गया, जिससे आरोपी तक पहुंचा जा सका। आरोपी को रुचिरा पेपर मिल फैक्ट्री, कालाआंब (हिमाचल प्रदेश) से गिरफ्तार किया गया, उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।
इस ऑपरेशन को सफल बनाने में निरीक्षक विकास भारद्वाज, उपनिरीक्षक राजीव सेमवाल, अपर उपनिरीक्षक सुरेश कुमार और कांस्टेबल शादाब अली की अहम भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उत्तराखंड श्री नवनीत सिंह ने जनता से अपील की है कि “डिजिटल अरेस्ट स्कैम” से सावधान रहें। कोई भी एजेंसी (CBI, ED, IT, क्राइम ब्रांच) व्हाट्सएप के जरिए नोटिस नहीं भेजती। किसी भी अंजान कॉल, ईमेल, सोशल मीडिया प्रोफाइल या ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा न करें। बैंक, फ्लाइट टिकट, निवेश और ऑनलाइन फ्रैंचाइजी से जुड़ी जानकारी को हमेशा आधिकारिक स्रोत से ही सत्यापित करें। संदेह होने पर तुरंत निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम थाने से संपर्क करें।
शिकायत दर्ज करने के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर संपर्क किया जा सकता है।
