‘डिजिटल हाउस अरेस्ट’ के नाम पर 8.80 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, हरियाणा से आरोपी गिरफ्तार

अल्मोड़ा। अल्मोड़ा पुलिस ने “डिजिटल हाउस अरेस्ट” के नाम पर 8.80 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले का खुलासा करते हुए हरियाणा से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को पुलिस और जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर पीड़ित को आतंकवाद के फर्जी मामले में फंसाने की धमकी दी और डराकर लाखों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए।
पुलिस के अनुसार, भतरौजखान थाना क्षेत्र निवासी जीवन सिंह रावत ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात लोगों ने उन्हें डिजिटल हाउस अरेस्ट में होने का झांसा देकर लगभग 8.80 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की है। शिकायत के आधार पर थाना भतरौजखान में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
एसएसपी चंद्रशेखर घोड़के के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और साक्ष्य संकलन के आधार पर आरोपी रंजोत सिंह, निवासी जगमालवाली, जिला सिरसा (हरियाणा) की पहचान की। पुलिस टीम ने 22 जुलाई 2026 को हरियाणा में दबिश देकर आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
जांच में सामने आया कि 10 मार्च 2026 को पीड़ित को व्हाट्सएप पर कॉल कर एक व्यक्ति ने स्वयं को एटीएस पुणे का इंस्पेक्टर सुमित मिश्रा बताया। उसने फर्जी कोर्ट आदेश और दस्तावेज भेजकर आतंकवाद के मामले में गिरफ्तारी की धमकी दी। इसके बाद वीडियो कॉल के माध्यम से पीड़ित को लगातार निगरानी में होने का डर दिखाया गया, किसी से बात न करने की हिदायत दी गई और बैंक खाते एवं डिजिटल भुगतान माध्यम सक्रिय कराकर 18 से 31 मार्च 2026 के बीच नौ अलग-अलग लेन-देन में 8.80 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
अल्मोड़ा पुलिस की अपील: पुलिस ने स्पष्ट किया है कि “डिजिटल अरेस्ट” या “डिजिटल हाउस अरेस्ट” जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। यदि कोई व्यक्ति पुलिस, सीबीआई, ईडी, साइबर सेल या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल या फोन पर डराए-धमकाए अथवा पैसे मांगे, तो उसकी बातों में न आएं। ऐसी किसी भी घटना की तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाने में सूचना दें।

