देहरादून में धर्म सभा: देवभूमि के देवत्व के संरक्षण और संवर्धन पर जोर

देहरादून में धर्म सभा: देवभूमि के देवत्व के संरक्षण और संवर्धन पर जोर
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देहरादून। भारतीय जनता पार्टी धर्म-संस्कृति मठ धर्मशाला प्रकोष्ठ की धर्म सभा का आयोजन बुधवार को जंगम शिवालय, पलटन बाजार में किया गया। धर्म सभा टपकेश्वर महादेव मंदिर के श्री महंत 108 कृष्ण गिरी जी महाराज के पावन सानिध्य में तथा प्रकोष्ठ के संयोजक एवं प्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य शिव प्रसाद ममगाई की अध्यक्षता और सह संयोजक योगाचार्य डॉ. बिपिन जोशी के संयोजन में संपन्न हुई।

धर्म सभा में देहरादून के विभिन्न मंदिरों के पुजारी एवं धर्माचार्य शामिल हुए। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में देवभूमि उत्तराखंड के देवत्व के संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर दिया। उन्होंने “धर्मो रक्षति रक्षितः” के सिद्धांत का समर्थन करते हुए कहा कि जो व्यक्ति और समाज धर्म की रक्षा करता है, धर्म भी उसकी रक्षा करता है।

टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत कृष्ण गिरी जी महाराज ने सभी ब्राह्मण बंधुओं का स्वागत करते हुए भारतीय ऋषि-मुनि परंपरा, संस्कारों और रीति-रिवाजों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

धर्म सभा के अध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ममगाई ने मंदिर समितियों और पुजारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने मंदिरों के बुजुर्ग पुजारियों के लिए पेंशन एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में सरकार और मंदिर समितियों से सहयोग का आह्वान किया। साथ ही धर्मशालाओं में जरूरतमंद लोगों को उचित मूल्य पर कमरे एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया, ताकि धर्मशालाओं का उद्देश्य सार्थक हो सके।

योगाचार्य डॉ. बिपिन जोशी ने कहा कि धर्म एवं संस्कृति का गौरवशाली अतीत रहा है और वर्तमान में भी भारतीय अध्यात्म, योग, आयुर्वेद तथा पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का विश्वभर में प्रभाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस विरासत को संजोकर रखना प्रत्येक सनातनी का प्रथम कर्तव्य है। उन्होंने “राष्ट्र प्रथम और सनातन प्रथम” का आह्वान किया।

विद्वत सभा देहरादून के अध्यक्ष आचार्य हर्षपति गोदियाल ने मंदिरों एवं धार्मिक गतिविधियों से नई पीढ़ी को अधिक से अधिक जोड़ने तथा संस्कृति और संस्कारों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। कथा व्यास आचार्य सुभाष जोशी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में भक्ति के साथ आध्यात्मिक शक्ति का सामाजिक रूप से भी प्रकटीकरण होना चाहिए।

आचार्य उदय शंकर भट्ट ने मंदिरों से अधिक से अधिक सनातन धर्मावलंबियों को जोड़ने और नई पीढ़ी को सही दिशा देने को महत्वपूर्ण बताया। उत्तराखंड पुरोहित सभा के अध्यक्ष आचार्य हर्षपति घिल्डियाल एवं आचार्य विजेंद्र ममगाई ने भी अपने विचार रखे।

धर्म सभा में सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की अग्रिम शुभकामनाएं भी दी गईं।

इस अवसर पर आचार्य डॉ. राजदीप डिमरी, डॉ. संदीप रतूड़ी, आचार्य जयप्रकाश गोदियाल, आचार्य मनोज ढोढ़ियाल, धर्म-संस्कृति मठ धर्मशाला प्रकोष्ठ के सह संयोजक घनश्याम शर्मा, सह संयोजक शेखर श्रीवास्तव, महानगर संयोजक आशीष बलूनी, सह संयोजक विजय डबराल सहित अनेक धर्माचार्य एवं पुजारी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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