नेपाल त्रासदी के पीड़ितों की मदद को देहरादून ने बढ़ाया हाथ, अब तक जुटे 6 लाख रुपये

देहरादून।नेपाल में हाल ही में हुई भीषण त्रासदी में प्रभावित लोगों की सहायता के लिए देहरादून के नागरिकों ने मानवीय पहल करते हुए सहयोग अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में बुधवार को प्रेस क्लब के निकट उज्ज्वल रेस्टोरेंट में बैठक आयोजित कर नेपाल की स्थिति और पीड़ित परिवारों की आवश्यकताओं पर चर्चा की गई। अभियान के तहत अब तक करीब **6 लाख रुपये की सहायता राशि एकत्रित** की जा चुकी है।
बैठक की शुरुआत नेपाल त्रासदी में दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि देने और शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के साथ हुई। वक्ताओं ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में मानवीय संवेदना और आपसी सहयोग की सबसे अधिक आवश्यकता है। भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंधों को देखते हुए इस संकट की घड़ी में नेपाल के नागरिकों के साथ खड़ा होना मानवीय जिम्मेदारी है।
अध्यक्ष पदम सिंह थापा ने अब तक एकत्रित सहायता राशि का ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए बताया कि विभिन्न सहयोगियों और नागरिकों के माध्यम से करीब छह लाख रुपये जुटाए जा चुके हैं। बैठक में सभी दानदाताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए निर्णय लिया गया कि जरूरत के अनुसार सहायता अभियान आगे भी जारी रखा जाएगा।
बैठक में सहायता राशि को पारदर्शी एवं उचित तरीके से वास्तविक प्रभावित लोगों तक पहुंचाने के लिए विश्वसनीय माध्यम और स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
बैठक में देहरादून के गोर्खाली समाज के प्रतिनिधियों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा गया कि यह किसी एक संस्था या संगठन का अभियान नहीं, बल्कि देहरादून के संवेदनशील नागरिकों का सामूहिक मानवीय प्रयास है।
वक्ताओं ने कहा कि नेपाल की त्रासदी उत्तराखंड समेत अन्य पर्वतीय क्षेत्रों के लिए भी सीख है। आपदा प्रबंधन, पूर्व चेतावनी प्रणाली, सुरक्षित निर्माण, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और स्थानीय स्तर पर त्वरित राहत व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।
बैठक में अनूप नौटियाल, कमला पंत, ऋतु चटर्जी, प्रदीप कुकरेती, परमजीत कक्कड़, रणबीर चौधरी, डॉ. राकेश कपूर, तारा चंद गुप्ता, अमर सिंह धुनता, शेर सिंह थापली, आरती जैन, आशा लाल फ्लोरेंस, दिनेश भंडारी, निर्मला बिष्ट सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। सभा का संचालन जगमोहन मेंदीरत्ता ने किया।
बैठक के अंत में नागरिकों से अपनी सामर्थ्य के अनुसार नेपाल त्रासदी के पीड़ितों की सहायता में योगदान देने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा—**“दुःख की इस घड़ी में नेपाल के साथ खड़े होना ही सच्ची मानवता है।”**
