नाबार्ड के 13.99 करोड़ रुपये ऋण के कथित दुरुपयोग मामले में ईडी की कार्रवाई, मध्य प्रदेश में 4 ठिकानों पर छापेमारी

इंदौर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इंदौर उप-जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत 9 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश में चार ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई निमाड़ एग्रो पार्क, उसके साझेदारों तथा उससे जुड़ी संस्थाओं बी.एस. कॉटन प्राइवेट लिमिटेड, श्री राजराजेश्वर डेवलपर्स और श्री राजराजेश्वर वेंचर्स से जुड़े परिसरों पर की गई।
ईडी की यह कार्रवाई नाबार्ड द्वारा मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा स्थित निमाड़ एग्रो पार्क को स्वीकृत 13.99 करोड़ रुपये के ऋण के कथित तौर पर दुरुपयोग एवं अन्यत्र उपयोग किए जाने से संबंधित जांच के तहत की गई। ईडी ने सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा, कोलकाता द्वारा निमाड़ एग्रो पार्क के साझेदारों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की थी। प्राथमिकी में आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।
ईडी की जांच में सामने आया कि निमाड़ एग्रो पार्क ने वर्ष 2019 में खाद्य प्रसंस्करण कोष योजना के तहत गांव जमली, सेंधवा, जिला बड़वानी में एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर स्थापित करने के लिए नाबार्ड से 13.99 करोड़ रुपये का सावधि ऋण लिया था। परियोजना की कुल लागत 31.04 करोड़ रुपये निर्धारित थी, जिसमें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा स्वीकृत 10 करोड़ रुपये की अनुदान राशि, 7.05 करोड़ रुपये की प्रवर्तक अंशदान राशि और नाबार्ड का सावधि ऋण शामिल था।
जांच के दौरान ईडी को पता चला कि ऋण की राशि का कथित रूप से निर्धारित परियोजना में उपयोग करने के बजाय अन्यत्र स्थानांतरण एवं दुरुपयोग किया गया। परियोजना अधूरी रह गई और ऋण खाते को 29 सितंबर 2024 को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति यानी एनपीए घोषित कर दिया गया। इसके परिणामस्वरूप नाबार्ड को 13.99 करोड़ रुपये का कथित नुकसान हुआ।
तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए। इसके अलावा चार बैंक लॉकरों को भी फ्रीज किया गया है। तलाशी की कार्रवाई का उद्देश्य कथित अपराध से अर्जित आय से जुड़े या उससे प्राप्त संपत्तियों तथा दस्तावेजी साक्ष्यों एवं वित्तीय अभिलेखों का पता लगाना था। साथ ही कथित धन के लेन-देन की पूरी कड़ी और षड्यंत्र में शामिल व्यक्तियों एवं संस्थाओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
मामले में आगे की जांच जारी है।
