हरिद्वार में अपराध गोष्ठी: चारधाम व कांवड़ यात्रा तैयारियों पर फोकस, एसएसपी ने दिए सख्त निर्देश
हरिद्वार।जनपद हरिद्वार में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह की अध्यक्षता में पुलिस कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान बीते माह फरवरी में घटित अपराधों एवं उनके अनावरण की समीक्षा के साथ लंबित विवेचनाओं, गंभीर अपराधों, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा आगामी चारधाम और कांवड़ यात्रा की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
गोष्ठी में एसपी क्राइम/ट्रैफिक निशा यादव, एसपी संचार विपिन कुमार, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह और एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल सहित जनपद के सभी क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। एसएसपी नवनीत सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चारधाम यात्रा को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण की जाएं और सत्यापन अभियान को निरंतर जारी रखा जाए। साथ ही थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि वे स्वयं फोर्स के साथ क्षेत्र में नियमित चेकिंग सुनिश्चित करें।
एसएसपी ने बढ़ते तापमान के मद्देनजर अग्निशमन व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया और सभी फायर स्टेशन अधिकारियों को उपकरणों को कार्यशील स्थिति में रखने तथा त्वरित रिस्पांस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना को बड़ा होने से पहले नियंत्रित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही आग बुझाने के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश भी दिए गए।
अपराध नियंत्रण को लेकर एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस को केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई नहीं, बल्कि अपराधों की रोकथाम पर अधिक ध्यान देना होगा। थाना प्रभारियों को आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर नजर रखने, छोटे विवादों को समय रहते सुलझाने और असलाह धारकों के दुरुपयोग पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
निर्माणाधीन पुलिस भवनों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया और संबंधित अधिकारियों को मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। फॉरेंसिक टीम की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए गंभीर मामलों में तत्काल मौके पर पहुंचकर साक्ष्य संकलन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
एसएसपी ने पुलिस कर्मियों को आमजन के साथ विनम्र व्यवहार करने और वर्दी की गरिमा बनाए रखने की नसीहत देते हुए कहा कि पीड़ित की भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि है। इसके अलावा अज्ञात शवों की पहचान के लिए आधुनिक संसाधनों का उपयोग करने और आवश्यकतानुसार मुकदमा दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए।

