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केनरा बैंक धोखाधड़ी मामले में दो बैंक अधिकारियों समेत 11 दोषियों को चार-चार साल का कठोर कारावास

केनरा बैंक धोखाधड़ी मामले में दो बैंक अधिकारियों समेत 11 दोषियों को चार-चार साल का कठोर कारावास
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                       शिमला की सीबीआई अदालत ने सुनाई सजा, 19.75 लाख रुपये का सामूहिक जुर्माना भी लगाया

शिमला। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के बद्दी स्थित केनरा बैंक शाखा से जुड़े ऋण धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने दो बैंक अधिकारियों सहित 11 दोषियों को चार-चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी दोषियों पर कुल 19.75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषियों में एक निजी कंपनी, दो तत्कालीन बैंक अधिकारी और आठ अन्य निजी व्यक्ति शामिल हैं।

सीबीआई के अनुसार, इस मामले में तत्कालीन मुख्य प्रबंधक डी.एस.एस. रविंद्र और तत्कालीन अधिकारी सी.एस. वर्मा के अलावा रंगीन पेंट एवं संबंधित उत्पादों से जुड़ी कंपनी कलर कैंप इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड तथा राकेश नरूला, सोनल नरूला, संजीव बहल, हरभजन सिंह, सुखदेव सिंह, प्यारा सिंह, सुमन नरूला और सुनील कुमार गोयल को दोषी ठहराया गया है।

सीबीआई ने 8 मई 2012 को मामला दर्ज किया था। आरोप था कि अक्टूबर 2008 से मार्च 2009 के बीच आरोपियों ने आपराधिक साजिश रचकर जाली दस्तावेजों के आधार पर केनरा बैंक की बद्दी शाखा से ऋण स्वीकृत कराने और राशि प्राप्त करने की योजना बनाई। इस कथित धोखाधड़ी के तहत कलर कैंप इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में सात करोड़ रुपये की कार्यशील पूंजी ऋण सीमा और 91 लाख रुपये का सावधि ऋण स्वीकृत कराया गया था।

मामले में यह भी आरोप लगाया गया कि कंपनी के 4.87 करोड़ रुपये मूल्य के विदेशी विनिमय बिल, जिन्हें बैंक ने भुगतान प्राप्त करने के उद्देश्य से भुनाया था, संबंधित आयातकों से वसूल नहीं हो सके। जांच एजेंसी ने बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोपों की जांच करते हुए बैंक अधिकारियों, निजी उधारकर्ताओं और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की।

जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ शिमला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने 30 सितंबर 2026 को 11 आरोपियों को दोषी करार दिया। इसके बाद 14 अक्टूबर 2026 को अदालत ने सभी दोषियों को चार-चार वर्ष के कठोर कारावास और कुल 19.75 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

देवभूमि खबर

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