देहरादून में “शिक्षा पर एआई के प्रभाव” संवाद कार्यक्रम, राज्यपाल गुरमीत सिंह ने तकनीकी बदलावों पर दिया जोर
देहरादून। राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह ने राजपुर रोड स्थित एक होटल में शिक्षा विभाग एवं संपर्क फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित “शिक्षा पर एआई के प्रभाव” संवाद कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज के समय की एक सशक्त वास्तविकता है, जो शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों को तेजी से प्रभावित कर रही है।
राज्यपाल ने कहा कि एआई को केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने 21वीं सदी को एआई, मेटावर्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उन्नत तकनीकों का युग बताते हुए इनके समावेश को समय की आवश्यकता बताया।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे छात्रों को नई तकनीकों के प्रति जागरूक करें और उन्हें इनके उपयोग के लिए सक्षम बनाएं। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि उत्तराखण्ड के शिक्षक और छात्र मिलकर शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति ला सकते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि एआई के माध्यम से शिक्षा को अधिक समावेशी बनाया जा सकता है, विशेषकर दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही, एआई भाषा संबंधी बाधाओं को दूर कर स्थानीय भाषाओं में शिक्षा को सशक्त बनाने में सहायक होगा।
उन्होंने संपर्क फाउंडेशन के संस्थापक-अध्यक्ष विनीत नायर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने लाखों विद्यार्थियों तक पहुंच बनाकर शिक्षा में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है।
इस अवसर पर सचिव रविनाथ रामन, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर, संपर्क फाउंडेशन के संस्थापक-अध्यक्ष विनीत नायर, चेयरमैन डॉ. के. राजेश्वर राव, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी और विभिन्न स्कूलों के शिक्षक उपस्थित रहे।

