देवभूमि विज्ञान समिति के अभ्यास वर्ग में वैज्ञानिक चेतना और भारतीय ज्ञान परंपरा पर हुआ सार्थक मंथन

देवभूमि विज्ञान समिति के अभ्यास वर्ग में वैज्ञानिक चेतना और भारतीय ज्ञान परंपरा पर हुआ सार्थक मंथन
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देहरादून ।थानों स्थित लेखक गांव में देवभूमि विज्ञान समिति (विज्ञान भारती, उत्तराखंड) द्वारा आयोजित कार्यकर्ता अभ्यास वर्ग का आयोजन गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वैज्ञानिक चेतना के प्रचार-प्रसार और भारतीय ज्ञान परंपरा की आधुनिक प्रासंगिकता पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विज्ञान भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री डॉ. शिवकुमार ने युवाओं में वैज्ञानिक सोच और तर्कशक्ति को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थी विज्ञान मंथन जैसे आयोजनों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को जोड़ने और समाज में वैज्ञानिक चेतना जागृत करने का आह्वान किया।

विज्ञान भारती उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. के. डी. पुरोहित ने समिति की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्था ने आकाश तत्व और विश्व आयुर्वेद कांग्रेस जैसे आयोजनों के माध्यम से अपनी संगठनात्मक क्षमता का परिचय दिया है। उन्होंने उत्तराखंड के विज्ञान शिक्षकों और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंच दिलाने की बात कही।

भारतीय पेट्रोलियम संस्थान, देहरादून के निदेशक डॉ. हरेंद्र बिष्ट ने भारतीय ज्ञान परंपरा की आधुनिक विज्ञान और शोध में प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला और बताया कि संस्थान के शोध कार्यों से समाज को कैसे लाभ मिल रहा है।

कार्यक्रम में कई सत्र आयोजित किए गए जिनमें गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रो. हेमवती नंदन ने भारत की प्राचीन वैज्ञानिक परंपरा पर व्याख्यान दिया, वहीं डॉ. अभय कुमार ने नोबेल पुरस्कार विजेताओं के शोध कार्यों के संदर्भ में भारतीय वैज्ञानिक योगदान की चर्चा की। दून विश्वविद्यालय के प्रो. एच. सी. पुरोहित ने उपनिवेशवाद की मानसिकता से बाहर निकलकर नवाचार आधारित सोच अपनाने पर बल दिया।

सत्रों में आयुर्वेद, गणित, रसायन, दर्शन और सूचना क्रांति जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। साथ ही युवाओं को विज्ञान के क्षेत्र में प्रेरित करने की रणनीतियों पर भी चर्चा हुई।

कार्यक्रम का संचालन युवा वैज्ञानिक डॉ. आशीष रतूड़ी ने किया। इस अवसर पर डॉ. लोकेश जोशी, डॉ. रविंद्र कुमार, प्रो. कुलदीप रावत, डॉ. आर. पी. नौटियाल, डॉ. विनोद रावत, डॉ. शिशिर प्रसाद, प्रो. ध्रुव कुमार, प्रो. आनंद सिंह राणा, प्रो. महेंद्र असवाल सहित राज्य के विभिन्न शिक्षण व शोध संस्थानों से वैज्ञानिक, प्राध्यापक और शोधार्थी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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