हरिद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग का सघन अभियान, 83 खाद्य पदार्थों की जांच में 18 अधोमानक मिले

हरिद्वार। त्योहारी सीजन और चारधाम यात्रा के मद्देनजर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, शुद्धता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र में सघन निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान छह विधिक नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए, जबकि सचल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से 83 खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच की गई। इनमें 18 नमूने अधोमानक पाए जाने पर संबंधित खाद्य सामग्री को नष्ट कराया गया।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों पर सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, हरिद्वार महिमानंद जोशी के नेतृत्व में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों, होटलों, ढाबों, रेस्टोरेंटों और फुटकर विक्रेताओं का औचक निरीक्षण किया गया।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र टम्टा ने ज्वालापुर के कटहरा बाजार, अनाज मंडी, जटवाड़ा पुल, कृष्णानगर कनखल, शिव मूर्ति चौक और मायापुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण किया। इस दौरान कुडू आटा के तीन, बादाम का एक, किशमिश का एक और गाय के दूध का एक नमूना लेकर कुल छह विधिक नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
**बिना लाइसेंस होटल संचालित, अस्वच्छता पर कार्रवाई**
निरीक्षण के दौरान निरंजनी अखाड़ा रोड, मायापुर स्थित होटल गंगा किनारे के रसोईघर और रेस्टोरेंट की जांच की गई। प्रतिष्ठान बिना खाद्य लाइसेंस के संचालित पाया गया। रसोईघर में खाद्य पदार्थों का भंडारण, रखरखाव और निर्माण अस्वच्छ परिस्थितियों में किया जा रहा था। होटल प्रबंधन पेयजल एवं खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट, कीट नियंत्रण संबंधी अभिलेख, कर्मचारियों के चिकित्सकीय परीक्षण और प्रशिक्षण के दस्तावेज तथा साफ-सफाई संबंधी अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं कर सका।
इस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 31/63 एवं 27/58 के तहत चालानी कार्रवाई की। संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत अधिकतम 10 लाख रुपये तक के अर्थदंड का प्रावधान बताया गया है।
**83 खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच, 18 अधोमानक**
सचल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के नोडल अधिकारी एवं उपायुक्त वीरेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में शिव मूर्ति चौक, जस्सा राम रोड और गुजराती गली सहित विभिन्न क्षेत्रों में रेस्टोरेंटों, ढाबों, मिठाई विक्रेताओं और परचून की दुकानों पर खाद्य पदार्थों की जांच की गई।
अभियान के दौरान दूध एवं दुग्ध उत्पादों के नौ, तेल एवं घी के 12, अनाज और अनाज से बने उत्पादों के तीन, मिठाइयों के 14 तथा मसालों के 45 नमूनों सहित कुल 83 खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच की गई। इनमें दूध एवं दुग्ध उत्पादों के दो, मिठाइयों के चार और मसालों के 12 नमूने अधोमानक पाए गए। इस प्रकार कुल 18 नमूने मानकों के अनुरूप नहीं मिले। संबंधित प्रतिष्ठानों से अधोमानक पाई गई खाद्य सामग्री को तत्काल नष्ट कराया गया। खाद्य पदार्थों की मात्रा कम होने के कारण इनके विधिक नमूने एकत्र नहीं किए जा सके।
**चार कारोबारियों के विरुद्ध न्यायालय में वाद**
विभाग ने अधोमानक पनीर के विक्रय और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के मामलों में एक होटल संचालक तथा एक पनीर आपूर्तिकर्ता एवं थोक विक्रेता के विरुद्ध न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के न्यायालय में वाद दायर किए। भीमगौड़ा स्थित एक अन्य रेस्टोरेंट संचालक के विरुद्ध भी मानकों के उल्लंघन पर वाद प्रस्तुत किया गया। वहीं, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रुड़की योगेंद्र पांडेय ने बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार संचालित करने पर एक कारोबारी के विरुद्ध वाद दायर किया। इस प्रकार कुल चार वाद न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि त्योहारी सीजन और चारधाम यात्रा के दौरान आमजन एवं यात्रियों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए निरीक्षण और जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों का पालन करने तथा उपभोक्ताओं को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।


