चंद्रनगर की तीन मेडिकल फर्मों पर विधिक सेवा प्राधिकरण की सख्त कार्रवाई, गंदगी व लापरवाही मिलने पर दो फर्मों से दवा वितरण पर रोक

चंद्रनगर की तीन मेडिकल फर्मों पर विधिक सेवा प्राधिकरण की सख्त कार्रवाई, गंदगी व लापरवाही मिलने पर दो फर्मों से दवा वितरण पर रोक
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देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं माननीय जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्री प्रेम सिंह खिमाल के निर्देशानुसार शुक्रवार 07 फरवरी 2026 को चंद्रनगर क्षेत्र में स्थित तीन थोक मेडिकल फर्मों पर बड़ी कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई “Safe Drugs: Safe Life” अभियान के तहत ड्रग विभाग के सहयोग से की गई।

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून श्रीमती सीमा डुंगराकोटी के नेतृत्व में चंद्रनगर, प्रिंस चौक के निकट स्थित थोक विक्रेता प्रो. वैशाली अरोड़ा की मेडिकल फर्में मेडिकोन फार्मा एवं मैनकाइंड प्राइम लैब प्राइवेट लिमिटेड तथा प्रो. प्रमोद कुमार अरोड़ा की मेडिकल फर्म वेलकम डिस्ट्रीब्यूटर का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण दल में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मनेन्द्र सिंह राणा, औषधि निरीक्षक विनोद जगुड़ी (देहरादून), मेघा (हरिद्वार), हार्दिक भट्ट (चमोली) एवं ऋषभ धामा (टिहरी) शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस, दवाइयों का रख-रखाव, एक्सपायरी दवाइयों के निस्तारण की प्रक्रिया तथा नारकोटिक दवाओं से संबंधित नियमों की गहन जांच की गई। जांच में यह पाया गया कि मेडिकोन फार्मा और वेलकम डिस्ट्रीब्यूटर में दवाइयां सीधे फर्श पर रखी हुई थीं। भवन की दीवारों व फर्श पर सीलन पाई गई, जिसके कारण कई पेटियों पर फंगस लगी हुई थी और पेटियों के अंदर रखी दवाइयों के डिब्बों में भी नमी पाई गई।

तीनों फर्मों में एक्सपायरी दवाइयों को अलग रखने की कोई व्यवस्था नहीं थी। एक्सपायरी दवाइयां अन्य दवाइयों के साथ ही रखी मिलीं। तीसरी मंजिल पर भी दो से तीन वर्ष पुरानी एक्सपायरी दवाइयों एवं सर्जिकल ग्लब्स की पेटियां गिफ्ट आइटम्स के साथ पाई गईं, जिनका नियमानुसार निस्तारण नहीं किया गया था। स्टोर संचालकों से पूछताछ करने पर वे एक्सपायरी दवाइयों के निस्तारण की प्रक्रिया के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

मैनकाइंड प्राइम लैब प्राइवेट लिमिटेड परिसर में भी कुछ दवाइयां खुले में धूप में रखी मिलीं, जबकि उनके पैकेट पर स्पष्ट रूप से सनलाइट से दूर रखने की चेतावनी अंकित थी। निरीक्षण टीम द्वारा तीनों फर्मों से कुल 08 दवाइयों के नमूने जांच हेतु जब्त किए गए।

गंभीर लापरवाही, गंदगी, सीलन और दवाइयों के अव्यवस्थित भंडारण को जन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक मानते हुए निरीक्षण टीम ने मेडिकोन फार्मा और वेलकम डिस्ट्रीब्यूटर से अग्रिम आदेश तक दवाइयों के वितरण पर तत्काल रोक लगा दी। साथ ही संबंधित फर्मों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून ने स्पष्ट किया कि जन स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि निर्धारित समय सीमा में सुधार नहीं किया गया तो संबंधित फर्मों के लाइसेंस निरस्तीकरण एवं सीलिंग जैसी कठोर कार्रवाई भी की जाएगी। इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

देवभूमि खबर

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