नैनीताल में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला का दौरा: वन पंचायत संवाद में उठे मानव-वन्यजीव संघर्ष और जंगलों की आग के मुद्दे
नैनीताल। सरोवर नगरी की हसीन वादियों में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के आगमन पर सांसद अजय भट्ट ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं, वन पंचायतों से जुड़े प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर क्षेत्रीय समस्याओं की जानकारी ली।
लोकसभा अध्यक्ष ने एटीआई में आयोजित वन पंचायत संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया, जहां विभिन्न वन पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखीं। बैठक में पहाड़ी क्षेत्रों में बाघ, गुलदार और अन्य जंगली जानवरों के बढ़ते खतरे को गंभीर मुद्दा बताया गया। ग्रामीणों ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा और आजीविका प्रभावित हो रही है।
इस दौरान जंगलों में बढ़ती आग की घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने बताया कि वन विभाग द्वारा स्थानीय लोगों की पारंपरिक भागीदारी और अधिकार सीमित होने से वन संरक्षण व्यवस्था कमजोर हुई है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि ग्रामीणों को अधिक अधिकार और सहभागिता दी जाए तो जंगलों की आग पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने वन पंचायतों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय भागीदारी से वन संरक्षण को मजबूती मिल रही है और साथ ही रोजगार एवं आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की वन पंचायत व्यवस्था वैश्विक स्तर पर एक आदर्श मॉडल बन सकती है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पहाड़ी क्षेत्रों में पाई जाने वाली औषधीय वनस्पतियों की वैश्विक मांग है और केंद्र सरकार इनके वैल्यू एडिशन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में वन संरक्षण, ग्रामीण विकास और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए, जिन पर भविष्य में नीतिगत स्तर पर विचार किए जाने की उम्मीद जताई गई।

