श्यामपुर क्षेत्र की जनसमस्याओं पर बैठक, डिग्री कॉलेज से लेकर अस्पताल और ओवरब्रिज निर्माण तक उठे मुद्दे

श्यामपुर क्षेत्र की जनसमस्याओं पर बैठक, डिग्री कॉलेज से लेकर अस्पताल और ओवरब्रिज निर्माण तक उठे मुद्दे
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ऋषिकेश। ऋषिकेश विधानसभा अंतर्गत श्यामपुर क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सत्यनारायण मंदिर में रविवार को क्षेत्र की तमाम जनसमस्याओं को लेकर एक बैठक आयोजित की, जिसमें लगभग 30 से 40 लोग शामिल हुए। बैठक में प्रमुख रूप से ग्रामीण क्षेत्र में डिग्री कॉलेज की स्थापना, जल निगम के बिलों में अनियमितता, रेलवे ओवरब्रिज की मांग, अस्पताल की अव्यवस्था और सड़कों की दिक्कतों सहित कई मुद्दों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम संयोजक भगवती प्रसाद सेमवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 6–7 साल पहले प्रति नगर ग्राम पंचायत में डिग्री कॉलेज की स्थापना हेतु जमीन चिह्नित कर उच्च शिक्षा मंत्रालय को जिला अधिकारी के माध्यम से प्रस्ताव भेजा गया था। इस क्षेत्र में 30 से 35 इंटर कॉलेज होने के बावजूद आज तक नया डिग्री कॉलेज नहीं बनाया गया। वहीं ऋषिकेश का एकमात्र ऑटोनॉमस कॉलेज भी सरकार ने श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय में मर्ज कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इससे छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए देहरादून, हरिद्वार और नरेंद्रनगर जाना पड़ता है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्र में एक नए डिग्री कॉलेज की सख्त आवश्यकता है।

बैठक में “हर घर जल नल” योजना के अंतर्गत बिलिंग में हो रही अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया गया। ग्रामीणों का कहना था कि कई उपभोक्ताओं को अत्यधिक बिल भेजे गए हैं। उदाहरणस्वरूप रायवाला ग्राम पंचायत के एक गरीब परिवार, जिसका मकान चारपाई जितना बड़ा है, को 18,000 रुपये का पानी का बिल थमा दिया गया है। ग्रामीणों ने इसे योजना में गंभीर विसंगति बताया और कहा कि गरीब परिवार ऐसे बिलों का भुगतान करने में सक्षम नहीं हैं।

रायवाला रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज बनाने की मांग भी बैठक में प्रमुख रही। ग्रामीणों ने कहा कि रेलवे फाटक पर आए दिन जाम और दुर्घटनाएं होती हैं, जिससे लोगों को जानमाल का नुकसान उठाना पड़ता है। मरीजों को अस्पताल लाने-ले जाने में भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसी कारण यहां पर रेलवे पुल का निर्माण शीघ्र होना आवश्यक है।

सत्यनारायण मंदिर के पीछे सॉन्ग और सुसवा नदियों के संभावित संगम पर भी चिंता जताई गई। ग्रामीणों ने कहा कि यदि यह संगम हुआ तो प्रतीत नगर, गौहरी माफी और रायवाला गांवों को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। साथ ही गौहरी माफी लिंक रोड की जर्जर स्थिति को भी बैठक में उठाया गया और प्रशासन से इसे दुरुस्त करने की मांग की गई।

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों ने बताया कि रायवाला स्थित सरकारी अस्पताल सुबह 11 बजे खुलता है और दोपहर 3 बजे ही बंद हो जाता है। रात को कोई चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध नहीं होती। ग्रामीणों ने मांग की कि अस्पताल में कम से कम पांच बेड और दो-तीन स्टाफ की रात की ड्यूटी अनिवार्य की जाए ताकि आपातकालीन हालात में मरीजों को मदद मिल सके।

बैठक में यह भी तय किया गया कि जल्द ही जिला अधिकारी, जल निगम के अधिकारियों और राजाजी नेशनल पार्क के निदेशक से मुलाकात कर इन समस्याओं के समाधान की मांग की जाएगी। साथ ही उच्च शिक्षा मंत्रालय को भी ग्रामीण क्षेत्र में डिग्री कॉलेज स्थापना के लिए ज्ञापन सौंपा जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

बैठक में प्रमुख रूप से भगवती प्रसाद सेमवाल,राहुल सिंह रावत (रायवाला), राजेन्द्र गैरोला (राज्य आंदोलनकारी), अल्का क्षेत्री (रायवाला), दीपा चमोली, आनन्द सिंह कैंतुरा (छिद्दरवाला), विजय सिंह विष्ट (छिदपुरवाला), विवेक रावत (प्रतीत नगर), सतेंद्र सिंह रावत (प्रतीतनगर), सुशांत सिंह (गोहरी माफी), यशपाल सिंह पवार (रायवाला), आनन्द स्वरूप लखेड़ा (खैरी खुर्द), भगवंत सिंह संधु (गौत्री मोकी), रवि कुकरेती (प्रतीत नगर), अजय सिंह (प्रतीतनगर), जीत बहादुर रावत, प्रदीप सिंह (रायवाला), सत्यप्रकाश जखमोला ( हरिपुर), सत्य प्रकाश (हरिपुर), गीता देवी, खुशहाल सिंह (श्यामपुर), अरविंद सिंह राठौर, असीन बलेश, मोन्टू, समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

देवभूमि खबर

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