उपनल के 21वें स्थापना दिवस पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने दी शुभकामनाएं, पूर्व सैनिकों के कल्याण में उपनल की अहम भूमिका
उपनल कर्मचारियों का दुर्घटना बीमा बढ़ाकर 1.50 लाख, मुख्यमंत्री राहत कोष में देगा 1 करोड़
मुख्यमंत्री धामी का वीडियो संदेश— उपनल के माध्यम से जल्द विदेशों में भी मिलेगा रोजगार
देहरादून। उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) के 21वें स्थापना दिवस के अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने पूर्व सैनिकों और उपनल कार्मिकों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने उपनल कर्मचारियों के आकस्मिक मृत्यु बीमा को 1 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये करने और मुख्यमंत्री राहत कोष में 1 करोड़ रुपये की धनराशि देने की घोषणा की।
गढ़ी कैंट में आयोजित इस कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री ने उपनल के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उपनल की स्थापना का उद्देश्य पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को रोजगार देना था, जिसे संस्था सफलतापूर्वक पूरा कर रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 24,746 बेरोजगारों को उपनल के माध्यम से रोजगार मिला है, जिसमें पिछले एक वर्ष में 2,500 पूर्व सैनिकों को विभिन्न राज्यों में नियुक्त किया गया है।
सैनिक कल्याण मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने उपनल को देहरादून के गुनियालगांव में निशुल्क भूमि देने का निर्णय लिया है, जिससे उपनल का नया कार्यालय बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यालय अगले एक वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो संदेश के माध्यम से स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जल्द ही उपनल के माध्यम से विदेशों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को और अधिक लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में उपनल में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कई कार्मिकों को सम्मानित किया गया। इनमें डीजीएम मेजर (सेनि) हिमांशु रौतेला, सूबेदार मेजर राजेंद्र प्रसाद, हवलदार सुभाष चंद्र ज़ख्मोला, हवलदार बाबूराम क्षेत्री, नायक सतेश्वर प्रसाद सती, संजय रावत, प्रियंका नेगी, नायक जीत पाल सिंह, सूबेदार दीपक सिंह नेगी शामिल रहे।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण सचिव दीपेंद्र कुमार चौधरी, उपनल चेयरमैन मेजर जनरल (सेनि) सम्मी सभरवाल, उपनल प्रबंध निदेशक ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर अमृत लाल, ले. जनरल टीपीएस रावत, ले. जनरल जयवीर सिंह नेगी, मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत, ब्रिगेडियर रमेश भाटिया सहित कई पूर्व सैनिक और अधिकारी उपस्थित रहे।

