डाक विभाग ने पहली छमाही में कमाया 8,212 करोड़ रुपये का राजस्व, सालाना वृद्धि 24 प्रतिशत

नई दिल्ली। भारतीय डाक विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 8,212.7 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान दर्ज यह राजस्व पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 6,636 करोड़ रुपये की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है। विभाग ने लगातार दो तिमाहियों में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है।
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित दूसरी तिमाही की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, डाक सचिव सुब्रत दास, डाक सेवा महानिदेशक मनीषा सिन्हा, डाक सेवा बोर्ड के सदस्य, विभिन्न डाक परिमंडलों के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
डाक विभाग ने जुलाई से सितंबर 2026 की दूसरी तिमाही में 4,201.5 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। यह पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। पहली तिमाही के मुकाबले भी राजस्व में पांच प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
विभाग के सभी छह व्यावसायिक क्षेत्रों में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में वृद्धि दर्ज की गई। डाक जीवन बीमा एवं ग्रामीण डाक जीवन बीमा में 44 प्रतिशत, डाक सामग्री में 36 प्रतिशत, डाकघर बचत बैंक में 18 प्रतिशत, अंतरराष्ट्रीय राजस्व एवं सरकारी व्यवसाय में 38 प्रतिशत और पार्सल कारोबार में 71 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
पार्सल क्षेत्र ने दूसरी तिमाही में 318.9 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। केरल, पूर्वोत्तर, उत्तर प्रदेश और बिहार ने अपने तिमाही लक्ष्य पार किए। पहली तिमाही की तुलना में डाक सामग्री से प्राप्त राजस्व में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कुल 12 डाक परिमंडलों ने दूसरी तिमाही के अपने निर्धारित लक्ष्य हासिल किए या उनसे अधिक राजस्व अर्जित किया। डाकघर बचत बैंक का योगदान 1,987 करोड़ रुपये रहा, जबकि डाक जीवन बीमा एवं ग्रामीण डाक जीवन बीमा ने अपने तिमाही लक्ष्य का 92 प्रतिशत हासिल किया।
दूसरी तिमाही में बिहार डाक परिमंडल 97.15 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के साथ शीर्ष पर रहा। पश्चिम बंगाल ने 97.07 प्रतिशत और पूर्वोत्तर परिमंडल ने 94.79 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की। पहली छमाही में पश्चिम बंगाल 95.72 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के साथ पहले स्थान पर रहा। बिहार ने 95.12 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश ने 94.63 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की।
कुल 23 डाक परिमंडलों में से 18 ने पहली तिमाही की तुलना में अपने लक्ष्य प्राप्ति प्रदर्शन में सुधार किया। विभाग का कुल व्यय लागत अनुपात पेंशन व्यय सहित 42 प्रतिशत और पेंशन व्यय को छोड़कर 62 प्रतिशत रहा। वहीं, 22 परिमंडलों ने पहली तिमाही के मुकाबले अपने व्यय लागत अनुपात में सुधार किया।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आंध्र प्रदेश डाक परिमंडल को सम्मानित किया गया, जबकि दूसरी तिमाही के लिए बिहार डाक परिमंडल को सम्मान प्रदान किया गया।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अधिकारियों और कर्मचारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए नए ग्राहक जोड़ने, मौजूदा ग्राहकों को बनाए रखने और सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया। उन्होंने कारोबार में विविधता लाने, नवाचार को बढ़ावा देने, नेतृत्व मजबूत करने और बड़े कारोबार वाले ग्राहकों के लिए लचीली मूल्य निर्धारण व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने ग्राहकों का अनुभव बेहतर बनाने और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए डाक सेवाओं के डिजिटलीकरण में तेजी लाने पर भी बल दिया।
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कार्यबल को सशक्त बनाने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और सेवा वितरण में सुधार की आवश्यकता रेखांकित की। उन्होंने पार्सल वितरण में देरी दूर करने तथा ग्राहकों की संतुष्टि बढ़ाने के लिए मानकीकृत प्रक्रियाओं और वास्तविक समय निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने का आह्वान किया।
दोनों मंत्रियों ने त्योहारों के दौरान बढ़ने वाले पार्सल कारोबार को देखते हुए डाक परिमंडलों को विकास की गति बनाए रखने, पार्सल तथा अंतरराष्ट्रीय एवं सरकारी कारोबार को मजबूत करने और व्यय में अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में कृषि एवं अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स, सूक्ष्म-लघु एवं मध्यम उद्यम, एक जिला-एक उत्पाद, पर्यटन, वित्तीय समावेशन, बीमा और ग्रामीण लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में कारोबार बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
डाक विभाग का लक्ष्य अपने व्यापक नेटवर्क और कार्यबल की क्षमता का उपयोग करते हुए नागरिक-केंद्रित सेवाओं का विस्तार करना, परिचालन दक्षता बढ़ाना और वित्तीय स्थिरता को मजबूत करना है।


