भूमि प्रबंधन में बड़े सुधारों की तैयारी, मुख्य सचिव ने मांगी व्यापक कार्ययोजना
देहरादून। उत्तराखंड में भूमि संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, डिजिटलीकरण और निवेशकों के लिए अनुकूल व्यवस्था विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने व्यापक सुधारों की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में आयोजित सचिव समिति की बैठक में भूमि प्रबंधन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में भूमि संबंधी प्रक्रियाओं के सरलीकरण, विवादों के त्वरित निस्तारण, राजस्व वादों में कमी, नवीन तकनीकों के उपयोग, रियल-टाइम मॉनिटरिंग तथा भूमि क्रय-विक्रय समेत सभी प्रक्रियाओं को पेपरलेस, कैशलेस और फेसलेस बनाने पर मंथन किया गया। अधिकारियों ने भूमि को निवेशकों के लिए अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने के उपायों पर भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में भूमि सुधारों से जुड़े तात्कालिक और दीर्घकालिक पहलुओं का अध्ययन कर ठोस कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि सीमित भूमि संसाधनों वाले राज्य उत्तराखंड में भूमि का वैज्ञानिक, पारदर्शी और प्रभावी प्रबंधन समय की आवश्यकता है।
दीर्घकालिक सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) गठित करने तथा उसके कार्यों की शासन स्तर पर नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम और एस.एन. पाण्डेय की एक टीम गठित करने का निर्णय लिया गया, जो भूमि संबंधी चुनौतियों, प्रकरणों और उनके समाधान पर आधारित समग्र फ्रेमवर्क तैयार करेगी। इसके अलावा भूमि अभिलेखों, नक्शों और अन्य दस्तावेजों के डिजिटलीकरण तथा तकनीकी एकीकरण के लिए अलग तीन सदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश भी दिए गए।
भूमि सर्वेक्षण, बंदोबस्त, मैपिंग, पुराने रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और पंजीकरण, दाखिल-खारिज सहित राजस्व मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही भूमि बैंक प्रणाली को मजबूत करने, निवेशकों को भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सरल बनाने तथा भूमि विवादों को न्यूनतम करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने पर सहमति बनी।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल.एल. फैनई, आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सचिव एस.एन. पाण्डेय ने भूमि प्रबंधन सुधारों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया।

