UCC निर्माण में अहम भूमिका निभाने पर प्रो. सुरेखा डंगवाल सम्मानित

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देहरादून। उत्तराखंड सरकार द्वारा आयोजित प्रथम नागरिक देवभूमि समान नागरिक संहिता दिवस समारोह–2026 में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय की कुलपति एवं समान नागरिक संहिता विशेषज्ञ समिति की सदस्य रहीं प्रो. सुरेखा डंगवाल को उनके अनुकरणीय एवं उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया।

प्रो. सुरेखा डंगवाल एक प्रख्यात शिक्षाविद् होने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण, नारी सम्मान और सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर अपने शोध एवं लेखन के माध्यम से वर्षों से समाज को जागरूक करती रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के कारण वे देश-विदेश में अपनी अलग पहचान रखती हैं।

दून विश्वविद्यालय में कुलपति के रूप में पिछले पाँच वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने अनेक उल्लेखनीय पहलें की हैं। इनमें डॉ. नित्यानंद हिमालयन शोध एवं अध्ययन केंद्र का संचालन, स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेज, सेंटर फॉर अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट तथा सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज जैसे महत्वपूर्ण अकादमिक केंद्रों की स्थापना और संचालन शामिल है। वे शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरक व्यक्तित्व के रूप में जानी जाती हैं।

प्रो. डंगवाल वर्तमान में दून विश्वविद्यालय, देहरादून की कुलपति हैं। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर (गढ़वाल) से B.A. (1985), M.A. (1987), M.Phil. (1988) तथा Ph.D. (1996) की डिग्रियाँ शामिल हैं। उन्होंने लगभग 33–34 वर्षों तक शिक्षण एवं शोध के क्षेत्र में सक्रिय योगदान दिया है और Modern European & Other Foreign Languages विभाग की विभागाध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
उनकी प्रमुख शोध रुचियों में South Asian Women Studies, Diaspora Literature और Literary Theory शामिल हैं। उन्होंने अनेक शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं तथा स्थानीय साहित्यिक कृतियों का अंग्रेज़ी में अनुवाद भी किया है। उनकी प्रमुख पुस्तकों में Hinduism in T.S. Eliot’s Writings, The Art of Effective Communication और Learning English Language through Literature शामिल हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने यूजीसी द्वारा अनुदानित पोस्ट-कोलोनियलिज़्म और भारतीय नारीवाद से संबंधित दो शोध परियोजनाओं का सफल संचालन किया है।

विभागाध्यक्ष, अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं कुलपति के रूप में उनकी नेतृत्व शैली छात्र-हित और संस्थागत विकास पर केंद्रित रही है। जनवरी 2021 में दून विश्वविद्यालय की कुलपति नियुक्त होने के बाद जून 2024 में उन्हें पुनः तीन वर्षों (2024–27) के लिए यह दायित्व सौंपा गया।
उत्तराखंड राज्य निर्माण से पूर्व वर्ष 1997 में वे UP Hill Electronics Corporation (HILTRON) की अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं। अपने तीन दशकों से अधिक के अकादमिक जीवन में वे विभिन्न विश्वविद्यालयों और समितियों में अध्यक्ष/कन्वीनर तथा Dean of Students’ Welfare के रूप में सक्रिय रही हैं, जिसके लिए उन्हें अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं। अगस्त 2022 में उन्हें Vice Chancellor of the Year Award से भी सम्मानित किया गया।

जून 2025 में उनके दूरदर्शी नेतृत्व में Centre for Hindu Studies के अंतर्गत एम.ए. पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया। साथ ही रोजगार सृजन और क्षेत्रीय संस्कृति के संरक्षण की दृष्टि से भूगोल, भूगर्भ विज्ञान, अर्बन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट, उत्तराखंड की लोक कला, बोली-भाषा एवं संस्कृति से जुड़े थिएटर, गढ़वाली, कुमाऊनी और जौनसारी भाषा पाठ्यक्रमों की शुरुआत की गई।

कुल मिलाकर महान विदुषी, शिक्षाविद्, प्रखर वक्ता और प्रेरक नेतृत्वकर्ता प्रो. सुरेखा डंगवाल ने उच्च शिक्षा के साथ-साथ नीति-निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समान नागरिक संहिता के मसौदे के निर्माण और क्रियान्वयन से जुड़ी समितियों में उनके योगदान ने नारी सुरक्षा, पारिवारिक संस्थाओं की मजबूती और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से उजागर किया है।

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