रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड: मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली महत्वाकांक्षी परियोजना को जिला प्रशासन दे रहा रफ्तार
देहरादून। राजधानी देहरादून की यातायात समस्या के समाधान हेतु प्रस्तावित रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना पर जिला प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में कार्यदायी संस्था लोनिवि द्वारा परियोजना की प्रस्तुति भी दी गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह परियोजना माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकता में है और इसे धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह राजधानी को ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने का संभावित माध्यम है, जिसे मुख्यमंत्री के नेतृत्व और समर्थन से प्रभावी रूप से स्थापित किया जाएगा। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित आपदा कार्यालय में एकीकृत कॉमन वर्किंग एरिया स्थापित किया गया है, जिसमें परियोजना से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी और कार्मिक समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं।
रिस्पना और बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना के सर्वे, फ्लाईओवर निर्माण, पुनर्वास और मुआवजा वितरण जैसे कार्यों में जिला प्रशासन फ्रंटलाइन की भूमिका में है। भूमि अधिग्रहण, आरओडब्ल्यू और सीमांकन की कार्यवाही तेज़ी से आगे बढ़ रही है। डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों के विस्थापन, मुआवजे और पुनर्वास की प्रक्रिया में पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य किया जाए।
परियोजना के अंतर्गत रिस्पना कॉरिडोर में कुल 44.82 हेक्टेयर भूमि प्रभावित है, जिसमें 42.64 हेक्टेयर सरकारी और 2.17 हेक्टेयर निजी भूमि है। यहां कुल 1120 संरचनाएं प्रभावित हैं, जिनमें 771 स्थायी और 349 अस्थायी हैं। वहीं, बिंदाल कॉरिडोर में कुल 43.91 हेक्टेयर भूमि प्रभावित है, जिसमें 25.79 हेक्टेयर सरकारी, 18.11 हेक्टेयर निजी, 1.96 हेक्टेयर वन भूमि तथा 4.93 हेक्टेयर रक्षा संपदा भूमि शामिल है। यहां कुल 1494 संरचनाएं प्रभावित हैं, जिनमें 934 स्थायी और 560 अस्थायी संरचनाएं हैं। परियोजना के विभिन्न क्षेत्रों में एसआईए सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कर लिया गया है और धारा 4 का प्रकाशन भी किया जा चुका है।
बिंदाल कॉरिडोर के चुक्खूवाला, डोभालवाला और विजयपुर हाथीबड़कला क्षेत्र में परियोजना की संरेखण सेना की भूमि से होकर गुजरती है, जिस हेतु रक्षा संपदा कार्यालय में प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। वहीं, वन भूमि हस्तांतरण की कार्यवाही के तहत रिस्पना में 4.20 हेक्टेयर और बिंदाल में 4.00 हेक्टेयर सीए भूमि चिह्नित की गई है। डीएम ने वन विभाग को प्रभावित वृक्षों के पातन व ट्रांसप्लांटेशन की कार्यवाही समन्वय से करने के निर्देश दिए हैं।
आईआईटी रुड़की द्वारा परियोजना की हाइड्रोलॉजिकल मॉडल स्टडी की जा चुकी है। यूटिलिटी सेवाओं के शिफ्टिंग हेतु विभागों से संयुक्त निरीक्षण कर शिफ्टिंग का आकलन प्राप्त कर लिया गया है। डीएम ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय से कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करें, जिससे यह महत्वाकांक्षी परियोजना शीघ्र धरातल पर उतर सके।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, अपर नगर आयुक्त हेमंत कुमार, एसडीएम सदर हरिगिरि, एसएलओ स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता मुकेश परमार व अधिशासी अभियंता जितेन्द्र कुमार त्रिपाठी सहित यूपीसीएल, एमडीडीए, नगर निगम व अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
