टिहरी मेडिकल कॉलेज के नाम पर जनता को गुमराह करना बंद करें : राकेश राणा

टिहरी।जिला कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश राणा ने टिहरी मेडिकल कॉलेज को लेकर स्थानीय विधायक किशोर उपाध्याय की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज का मुद्दा भाजपा सरकार और स्थानीय विधायक के लिए विकास का नहीं, बल्कि चुनावी राजनीति का माध्यम बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही मेडिकल कॉलेज की चर्चा फिर शुरू हो गई है, जबकि वर्षों से जनता को केवल आश्वासन ही मिले हैं।
राणा ने कहा कि विधायक द्वारा मुख्यमंत्री की अगली कैबिनेट बैठक में मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव लाए जाने का दावा तब तक केवल राजनीतिक घोषणा है, जब तक सरकार इसकी कैबिनेट स्वीकृति, बजट, भूमि, निर्माण एजेंसी और समय-सीमा की आधिकारिक घोषणा नहीं करती।
उन्होंने कहा कि यदि वर्षों के राजनीतिक अनुभव और लंबे समय तक जनप्रतिनिधि रहने के बावजूद मेडिकल कॉलेज की फाइल आज भी घोषणाओं तक सीमित है, तो यह स्थानीय नेतृत्व की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए अब तक कौन-कौन से ठोस और दस्तावेजी प्रयास किए गए और उनका परिणाम क्या रहा।
राकेश राणा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण संस्थान केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस या फोटो जारी करने से नहीं बनते, बल्कि इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रशासनिक सक्रियता और जवाबदेही आवश्यक है।
उन्होंने टिहरी मेडिकल कॉलेज संघर्ष समिति से मुख्यमंत्री से शीघ्र मुलाकात कर पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखने की अपील की।
राणा ने कहा कि टिहरी की जनता किसी प्रकार की कृपा नहीं, बल्कि अपना अधिकार मांग रही है। यदि सरकार और स्थानीय विधायक जनता की भावनाओं का सम्मान नहीं करेंगे, तो जनता सड़क से लेकर सदन तक लोकतांत्रिक आंदोलन करने को मजबूर होगी।
उन्होंने कहा कि अब जनता भाषणों और घोषणाओं से संतुष्ट नहीं होगी। जनता जानना चाहती है कि मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति कब मिलेगी, बजट कब जारी होगा और निर्माण कार्य कब शुरू होगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि यदि वह वास्तव में गंभीर है तो तत्काल कैबिनेट से प्रस्ताव पारित कर बजट जारी करे और निर्माण कार्य शुरू कराए, अन्यथा जनता आने वाले समय में अपना राजनीतिक निर्णय स्वयं करेगी।

