2 मई को खुलेंगे श्री केदारनाथ धाम के कपाट
रुद्रप्रयाग। विश्वप्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई 2025 को प्रातः 7 बजे वृष लग्न में विधि-विधान से श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। आज महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर श्री ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ में पंचांग गणना के बाद यह तिथि निर्धारित की गई। इस अवसर पर श्री केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग, केदारनाथ की मा0 विधायक आशा नौटियाल, बीकेटीसी (बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति) के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल सहित पंचगाई समिति के पदाधिकारी एवं सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ को भव्य फूलों से सजाया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इस दौरान भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन भी हुआ। बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित होने पर सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।
भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली 28 अप्रैल को श्री ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से प्रस्थान कर रात्रि प्रवास हेतु प्रथम पड़ाव श्री विश्वनाथ मंदिर, गुप्तकाशी पहुंचेगी। 29 अप्रैल को डोली गुप्तकाशी से प्रस्थान कर फाटा में विश्राम करेगी। 30 अप्रैल को फाटा से गौरीकुंड स्थित गौरादेवी मंदिर पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। 1 मई को भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली श्री केदारनाथ धाम पहुंचेगी और 2 मई शुक्रवार को प्रातः 7 बजे विधि-विधान के साथ कपाट खोले जाएंगे।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ के अनुसार, इस यात्रा वर्ष के लिए श्री केदारनाथ धाम के पुजारी बागेश लिंग होंगे। मद्महेश्वर धाम में शिवलिंग पुजारी का दायित्व संभालेंगे, श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में गंगाधर लिंग तथा श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी में शिवशंकर लिंग पूजा-अर्चना का कार्य करेंगे।
इस वर्ष श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 4 मई को प्रातः 6 बजे खुलेंगे। परंपरागत रूप से श्री गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के दिन खोले जाते हैं, जो इस वर्ष 30 अप्रैल को पड़ रही है।

