राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह में राज्यपाल ने रैतिक परेड की सलामी ली, 08 महानुभावों को किया सम्मानित
देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह के अवसर पर शुक्रवार को पुलिस लाइन, देहरादून में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। राज्यपाल ने रैतिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ‘वंदे मातरम’ गायन से हुई।
इस अवसर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने ‘उत्तराखण्ड पुलिस पत्रिका-2025’ का विमोचन किया तथा रजत जयंती पदक के प्रतीकात्मक चिन्ह का अनावरण भी किया। कार्यक्रम में पुलिस विभाग द्वारा प्रस्तुत साहसिक मोटरसाइकिल प्रदर्शन ने सभी दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
राज्यपाल ने उत्कृष्ट सेवाओं के लिए ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ एवं ‘पुलिस पदक’ प्राप्त अधिकारियों को सम्मानित किया। रजत जयंती समारोह के अवसर पर इस वर्ष के उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से 08 महानुभावों को सम्मानित किया गया— निशानेबाज पद्मश्री जसपाल राणा, उद्यमी एवं समाजसेवी देव रतूड़ी, अभिनेता एवं लेखक स्व. टॉम ऑल्टर, राज्य आंदोलनकारी स्व. सुशीला बलूनी, चिपको आंदोलन की जननी स्व. गौरा देवी, भूवैज्ञानिक स्व. खड़ग सिंह वल्दिया, वीरांगना स्व. तीलू रौतेली एवं लेखक स्व. शैलेश मटियानी।
राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने उत्तराखण्ड की 25 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर बधाई देते हुए कहा कि यह क्षण आत्म-गौरव और कृतज्ञता का है। उन्होंने कहा कि हमें वही वस्तुएँ खरीदनी चाहिए जिनमें हमारे लोगों का परिश्रम निहित हो और जो ‘मेड इन इंडिया’ हों — यही आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का मूल मंत्र है। उन्होंने युवाओं से तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया ताकि विकसित उत्तराखण्ड एवं विकसित भारत 2047 का संकल्प साकार हो सके।
राज्यपाल ने कहा कि पिछले 25 वर्षों की यात्रा उत्तराखण्ड के सतत परिश्रम और प्रगति की कहानी है। राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, उद्योग, तकनीक और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में अग्रणी बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखण्ड चारधाम यात्रा से आगे बढ़कर वैश्विक वेलनेस, वेडिंग, योग, फिल्म और आयुर्वेद डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित हो रहा है। उन्होंने मातृशक्ति की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई कहानियाँ लिख रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देश की रक्षा में बलिदान देने वाले जवानों और राज्य आंदोलन के शहीदों को नमन किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि उन्हीं के नेतृत्व में उत्तराखण्ड का स्वप्न साकार हुआ। मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 11 महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं— जिनमें साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का विस्तार, भोजन माताओं के लिए कल्याण कोष, फार्म फेंसिंग पॉलिसी, प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन हेतु योजना और केदारखण्ड माला मिशन जैसी घोषणाएँ प्रमुख हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड ने बीते साढ़े चार वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। राज्य किसानों की आय बढ़ाने में देशभर में प्रथम स्थान पर रहा है, वहीं कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट 12.69 प्रतिशत रही है। उन्होंने कहा कि “ड्रग्स फ्री देवभूमि” का संकल्प अब एक जन आंदोलन बनेगा।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री प्रेमचंद अग्रवाल, श्री खजान दास, श्री दुर्गेश्वर लाल, मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, डीजीपी श्री दीपम सेठ सहित शासन, पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
