मुख्यमंत्री माणा हिमस्खलन की घटना के राहत एवं बचाव कार्यों की कर रहे हैं समीक्षा,33 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है

मुख्यमंत्री माणा हिमस्खलन की घटना के राहत एवं बचाव कार्यों की कर रहे हैं समीक्षा,33 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है
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देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले के माणा गांव के पास हुए हिमस्खलन की जानकारी लेते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। शुक्रवार देर रात मुख्यमंत्री राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, आईटी पार्क पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक कर रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्च ऑपरेशन तेजी से चलाया जाए और जोशीमठ में आपदा कंट्रोल रूम की स्थापना की जाए। उन्होंने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी व सेना को आपसी सहयोग से बर्फ हटाने का कार्य तेजी से करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने माणा स्थित हेलीपैड को प्राथमिकता से खोले जाने और घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

अब तक 33 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि अन्य की खोजबीन जारी है। चार लोगों को आईटीबीपी अस्पताल में भर्ती किया गया है। बीआरओ स्नो कटर और अन्य मशीनों की मदद से बर्फ हटाने का कार्य लगातार जारी है। शनिवार सुबह एमआई-17 हेलीकॉप्टर भी राहत अभियान में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घटनास्थल पर आवागमन सुनिश्चित करने और हेलीपैड को शीघ्र सक्रिय करने के निर्देश दिए। उन्होंने ड्रोन व हेलीकॉप्टर के जरिए निगरानी और बचाव कार्य को प्रभावी बनाने पर बल दिया। घायलों को आवश्यकता पड़ने पर एयर एंबुलेंस के माध्यम से एम्स ऋषिकेश भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आईटीबीपी, सेना, जिला प्रशासन, वायुसेना और अन्य एजेंसियां राहत कार्य में जुटी हुई हैं। खराब मौसम और कम विजिबिलिटी के कारण हेलीकॉप्टर संचालन संभव नहीं हो पा रहा, लेकिन स्नो एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है। सरकार की प्राथमिकता हिमस्खलन में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है, और प्रभावितों के परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है। प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री से भी संवाद किया जा रहा है। यदि आवश्यकता पड़ी, तो अतिरिक्त एजेंसियों की सहायता तुरंत ली जाएगी।

मुख्यमंत्री ने चमोली के जिलाधिकारी श्री संदीप तिवारी से वर्चुअल माध्यम से स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि हिमस्खलन बद्रीनाथ धाम से 6 किमी आगे हुआ, जहां सीमा सड़क संगठन के अंतर्गत बर्फ हटाने वाले मजदूर मौजूद थे। राहत कार्यों में आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें सक्रिय हैं।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी रात 8 बजे दोबारा आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे और हालात की समीक्षा की। वे लगातार रेस्क्यू कार्यों पर नजर बनाए हुए हैं और अधिकारियों से अपडेट ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावितों की सुरक्षा और सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

प्रदेश में हो रही भारी बारिश और हिमपात को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम रखा जाए।

देवभूमि खबर

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