चमोली के कर्णप्रयाग में आयोजित तीन दिवसीय शिविर का समापन, 60 लोगों के अल्ट्रासाउंड और 82 के एक्स-रे हुए

गोपेश्वर। सेवा, सुशासन एवं समर्पण के संकल्प के तहत चमोली जिले में आयोजित तीन दिवसीय बहु विशेषज्ञ निशुल्क स्वास्थ्य शिविर के अंतिम दिन 294 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव सिंह पाल के निर्देशन में उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग में आयोजित शिविर में 110 पुरुष और 184 महिलाओं ने विशेषज्ञ चिकित्सकों से स्वास्थ्य परीक्षण कराया। सभी लाभार्थियों को आवश्यकतानुसार निशुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं।
शिविर के दौरान 30 लोगों की रक्तचाप और 22 लाभार्थियों की मधुमेह स्क्रीनिंग की गई। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के तहत सात गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। वहीं 82 लोगों के एक्स-रे और 60 लाभार्थियों के निशुल्क अल्ट्रासाउंड किए गए।
इसके अलावा 78 लोगों की एलएफटी, केएफटी, आरएफटी और लिपिड प्रोफाइल सहित विभिन्न रक्त जांच की गई। छह किशोरियों को माहवारी स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया। शिविर में तीन महिलाओं की स्तन कैंसर, 14 लोगों की मुख कैंसर और 16 लाभार्थियों की टीबी स्क्रीनिंग भी की गई।
शिविर में 14 लोगों की आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी तथा 26 लोगों के आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड बनाए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देकर बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव सिंह पाल ने बताया कि 9 से 11 अगस्त तक खंड विकास अधिकारी कार्यालय नारायणबगड़ के सभागार परिसर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से शिविर में पहुंचकर विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की।
शिविर में वरिष्ठ परामर्शदाता सर्जन डॉ. राजीव शर्मा, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित भट्ट, फिजिशियन डॉ. सत्येंद्र कंडारी, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ऊमारानी शर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा सिंह और ईएनटी सर्जन डॉ. अल्का नेगी ने मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं।
शिविर के सफल आयोजन में उप जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीपी पुरोहित, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक विनय बहुगुणा, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संजना खाम्पा एवं मीना कंडवाल, लैब टेक्नीशियन आशीष किमोठी, सारथी जखमोला, हरीश कुमेड़ी, कुशलानंद भट्ट, एएनएम और आशा कार्यकत्रियों ने सहयोग किया।

