पी.एम. जनमन कार्यक्रम में देशभर में चौथे स्थान पर रहा उधमसिंह नगर जिला, राष्ट्रपति ने डीएम को किया सम्मानित

रूद्रपुर। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पी.एम. जनमन) योजना में जनपद उधमसिंह नगर ने पूरे देश में चौथा स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि पर नई दिल्ली में आयोजित समारोह में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू ने जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
पी.एम. जनमन योजना भारत सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य देश के विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs – Particularly Vulnerable Tribal Groups) का सर्वांगीण विकास करना है। यह कार्यक्रम 15 नवम्बर 2023 को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया था।
इस योजना के अंतर्गत देश के 75 जनजातीय जिलों के लगभग 75 समुदायों के 28 लाख से अधिक लोगों को विकास की मुख्यधारा में लाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना का मुख्य उद्देश्य उन जनजातीय समुदायों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाना है, जो अब तक विकास से वंचित रहे हैं — जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल, बिजली, आवास, सड़क, मोबाइल नेटवर्क और आजीविका के साधन।
सरकार ने इसके लिए पाँच प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है —
(1) सुरक्षित आवास और बुनियादी सुविधाएँ
(2) शिक्षा और कौशल विकास
(3) स्वास्थ्य और पोषण
(4) आजीविका संवर्धन
(5) सामाजिक सुरक्षा।
कार्यक्रम का कुल बजट लगभग ₹24,000 करोड़ रखा गया है, जिसे अगले तीन वर्षों में केंद्र, राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों के सहयोग से व्यय किया जाएगा। इस योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य जनजातीय समुदायों की परंपराओं और संस्कृति को संरक्षित करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है।
उत्तराखंड राज्य में भोटिया, थारू, जौनसारी और रजि समुदाय जैसे जनजातीय समूह रहते हैं, जो मुख्यतः सीमांत और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में बसे हुए हैं। जनमन कार्यक्रम के अंतर्गत इन क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क, स्कूलों का उन्नयन, स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना, पोषण योजनाओं का विस्तार और स्वरोजगार के अवसरों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
राज्य सरकार ने स्थानीय पारंपरिक व्यवसाय जैसे ऊनी वस्त्र, जड़ी-बूटी आधारित उत्पाद और पर्यटन को भी इस योजना से जोड़ा है, ताकि जनजातीय लोगों की आजीविका में सुधार हो और उनकी सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहे।
जनपद उधमसिंह नगर में पी.एम. जनमन योजना के तहत 43 जनजाति गांव शामिल हैं, जिनमें 99 तोक और कुल 40,881 की जनसंख्या है। इनमें से 6,886 परिवार विशेष रूप से कमजोर हैं। इनमें से 824 परिवार आवासविहीन चिन्हित किए गए हैं, जिनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत किए गए हैं। प्रथम फेज में 97 परिवारों को प्रथम किस्त जारी की जा चुकी है।
गदरपुर के कुल्हा गांव में जनजातीय बच्चों के लिए 100 बेड का छात्रावास बनाया जा रहा है, जिसके लिए 2.75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, गदरपुर के चुनपुरी में एक आंगनवाड़ी केंद्र निर्माणाधीन है और बाजपुर क्षेत्र में 123.44 लाख रुपये की लागत से महोलीचैन, भीकमपुरी, सिंहाली और सेमलपुरी में चार बहुद्देशीय भवन बनाए जा रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, लघु सिंचाई विभाग द्वारा 179.38 लाख रुपये की धनराशि से बेतखेड़ी, विजयरमपुरा और बन्नाखेड़ा में गूल और नहरों का निर्माण किया गया है। जल जीवन मिशन के तहत सभी 6,886 विशेष रूप से कमजोर परिवारों को पेयजल संयोजन उपलब्ध करा दिया गया है।
जनजातीय क्षेत्रों में 5 वनधन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन गांवों में 100% टीकाकरण, 98% संस्थागत प्रसव, 100% स्किल सेल, एनीमिया और टीबी जांच पूरी की गई है। इसके साथ ही 935 को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, 248 को उज्ज्वला योजना, 379 को पीएम किसान सम्मान निधि से लाभान्वित किया गया है। इसके अलावा 7 परिवारों को विद्युत कनेक्शन और 8,125 परिवारों के राशन कार्ड भी बनाए गए हैं।
पी.एम. जनमन कार्यक्रम भारत और उत्तराखंड दोनों के लिए सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह कार्यक्रम जनजातीय समाज को “विकास के हाशिये से विकास के केंद्र” तक लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि सभी अधिकारियों की सक्रियता और समन्वित प्रयासों से यह सम्मान प्राप्त हुआ है। उन्होंने सभी टीमों को बधाई दी। कार्यक्रम में समाज कल्याण अधिकारी एवं नोडल अधिकारी पी.एम. जनमन श्री अमन अनिरुद्ध भी उपस्थित रहे।

