उत्तराखंड क्रांति दल ने यूसीसी कानून के खिलाफ की बैठक, 10 फरवरी से जागरूकता यात्रा का ऐलान
देहरादून।आज उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के केंद्रीय कार्यालय में राज्य सरकार द्वारा मूल निवासियों पर थोपे गए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को वापस लेने की मांग को लेकर एक बैठक आयोजित की गई।
उक्रांद युवा प्रकोष्ठ के निवर्तमान केंद्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि यूसीसी भारतीय सनातन संस्कृति को पश्चिमी संस्कृति की ओर ले जा रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि इस कानून के तहत लिव-इन रिलेशन में जन्मे बच्चों को वैधता और संपत्ति पर अधिकार दिया गया है, जिससे भारतीय संस्कृति के 16 संस्कारों की परंपरा प्रभावित होगी और सामाजिक ताना-बाना कमजोर होगा।
बिष्ट ने यह भी कहा कि सरकार ने महज एक साल उत्तराखंड में रहने वाले को स्थायी निवासी का दर्जा देने का प्रावधान कर दिया है, जिससे राज्य के युवाओं के रोजगार पर खतरा बढ़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मूल निवास एवं भू-कानून की जनता की मांगों को अनदेखा कर रही है और काले कानून थोपकर जनता को गुमराह कर रही है।
यूसीसी के विरोध में उक्रांद ने नारसन से नीती गांव तक एक पैदल यात्रा निकालने का निर्णय लिया है, जो 10 फरवरी से शुरू होगी। इस यात्रा को दल के वरिष्ठ नेता हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
बैठक में केंद्रीय महामंत्री बृज मोहन सजवाण, मीडिया प्रभारी अनिल थप्लिय

