एक लाख करोड़ से अधिक का बजट: विकास और रोजगार के नए अवसरों के साथ प्रगति की राह पर उत्तराखंड: पुरोहित
देहरादून। उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि राज्य आर्थिक प्रगति की दिशा में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पिछले चार वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। वर्ष 2021-22 में जहां राज्य का जीडीपी 2.54 लाख करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 3.82 लाख करोड़ रुपये हो गया है। वर्ष 2026-27 में इसके 4.30 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
राज्य की प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2021-22 में प्रति व्यक्ति आय 1.95 लाख रुपये थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 2.73 लाख रुपये से अधिक हो गई है। आगामी वर्ष में यह 3.60 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड देशभर के लोगों की पसंदीदा जगह बनता जा रहा है। यहां के विश्वविद्यालय, तकनीकी संस्थान और चिकित्सा सुविधाएं देश-विदेश के विद्यार्थियों और नागरिकों को आकर्षित कर रही हैं। पर्यटन के लिहाज से हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल, मसूरी, कैंची धाम, चारधाम, हेमकुंड साहिब और आदि कैलाश जैसे धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थल देश-दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर खींचते हैं। इसके अलावा हिमालयी हिमखंड, बुग्याल, वन अभ्यारण्य, जिम कॉर्बेट पार्क और राजाजी राष्ट्रीय उद्यान भी पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं।
राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता के कारण हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार के अवसरों के कारण उत्तराखंड के शहरों और कस्बों में लोगों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। इससे राज्य में औद्योगिक विकास और सेवा क्षेत्र का विस्तार भी तेज गति से हो रहा है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राज्य गठन के समय वर्ष 2000 में प्रदेश में लगभग 14,500 उद्यम स्थापित थे, जो अब बढ़कर 3.81 लाख से अधिक हो चुके हैं। वर्ष 2022 से 2025 के बीच करीब 19,500 नए एमएसएमई उद्यम स्थापित हुए, जिससे एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। वर्ष 2017 से पहले राज्य में कोई स्टार्टअप पंजीकृत नहीं था, जबकि आज 1750 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं।
पर्यटन क्षेत्र में भी तेज वृद्धि हुई है। राज्य गठन के समय पर्यटकों की संख्या लगभग एक करोड़ थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 6 करोड़ से अधिक हो गई है। पिछले तीन वर्षों में पर्यटकों की संख्या में लगभग 62 लाख की वृद्धि दर्ज की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में होम-स्टे योजना के माध्यम से स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। होम-स्टे की संख्या पिछले तीन वर्षों में 3935 से बढ़कर 6161 तक पहुंच गई है।
हालांकि इन उपलब्धियों के बावजूद राज्य के सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
विधानसभा सत्र में 9 मार्च को मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत 1,11,703 करोड़ रुपये के बजट से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ गवर्नेंस मॉडल के तहत जनकल्याण योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। बजट में राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि नीति आयोग के एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तराखंड ने 79 अंक प्राप्त कर केरल के साथ पहला स्थान हासिल किया है।
राज्य की अर्थव्यवस्था में प्राथमिक क्षेत्र का योगदान 50.46 प्रतिशत है, जिसमें कृषि, वानिकी, औद्यानिकी, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। उद्योग क्षेत्र का योगदान 9.59 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र का योगदान 39.95 प्रतिशत है। इन्हीं क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए बजट में कृषि, ग्रामीण विकास, उद्यमिता और सेवा क्षेत्र के लिए विभिन्न योजनाओं में व्यापक प्रावधान किए गए हैं।
कृषि और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए पशुपालन आधारित स्वरोजगार योजना, एप्पल मिशन, ट्राउट मत्स्य पालन, मिलेट मिशन, चाय विकास, सगंध पौधों के विकास और फसल सुरक्षा जैसी योजनाओं के लिए करोड़ों रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं उद्योग और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई सहायता, स्टार्टअप, निवेश प्रोत्साहन, मेगा इंडस्ट्रियल और मेगा टेक्सटाइल नीति के तहत भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं।
इसके साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कौशल विकास और पलायन रोकथाम जैसी योजनाओं के लिए भी बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।
कुल मिलाकर यह बजट राज्य के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और जनकल्याण को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जो आने वाले वर्षों में उत्तराखंड की प्रगति को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
