उत्तरांचल पंजाबी महासभा ने एकता का दिया संदेश, संगठन को विभाजित करने के प्रयासों का किया विरोध

देहरादून । श्री गीताभवन मंदिर में उत्तरांचल पंजाबी महासभा के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की बैठक प्रदेश महामंत्री हरीश नारंग के नेतृत्व में आयोजित हुई। बैठक में समाज की एकजुटता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा संगठन को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए समाज विरोधी गतिविधियों और संगठन में फूट डालने के प्रयासों का विरोध किया गया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि उत्तरांचल पंजाबी महासभा पिछले 25 वर्षों से गैर-राजनीतिक स्वरूप में पंजाबी समाज को एक मंच पर लाकर सामाजिक सेवा, भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग व्यक्तिगत स्वार्थ और राजनीतिक हितों के लिए संगठन को विभाजित करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा।
वरिष्ठ सदस्य लाल चंद शर्मा ने कहा कि संस्था का गठन समाज को एकजुट रखने और उसकी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के उद्देश्य से किया गया था। अमित कपूर ने कहा कि स्वर्गीय हरबंस कपूर की विरासत को राजनीतिक स्वार्थों की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा। वहीं गोपाल पुरी ने संस्था के गठन से लेकर अब तक की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों की मेहनत से बनी महासभा की प्रतिष्ठा को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
अनिल मारवाह ने संगठन में बनी दो धाराओं को फिर से एक करने की आवश्यकता पर बल दिया, जबकि सुनील मैसोन और नीरज कोहली ने समाज को विभाजित करने वाले तत्वों से सतर्क रहने और जनहित के कार्यों के माध्यम से संगठन को और मजबूत बनाने का आह्वान किया। विजय कोहली और अनूप कपूर ने भी संगठन की एकता और मजबूती के लिए निरंतर प्रयास करने की बात कही।
बैठक में समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में समाज की एकजुटता बनाए रखने, सेवा एवं समर्पण की भावना से कार्य करने तथा उत्तराखंड में पंजाबी समाज की संस्कृति और विरासत के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया।

