विद्या समीक्षा केन्द्र उच्च शिक्षा व्यवस्था में बनेगा मील का पत्थर: डॉ. धन सिंह रावत

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देहरादून। उच्च शिक्षा व्यवस्था को आंकड़ों, तकनीक, पारदर्शिता एवं परिणाम आधारित बनाने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने गुरुवार को विद्यालयी शिक्षा निदेशालय, ननूरखेड़ा स्थित उच्च शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय एवं विद्या समीक्षा केन्द्र का लोकार्पण किया। करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस केन्द्र को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देश का पहला विद्या समीक्षा केन्द्र बताया गया।

डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि विद्या समीक्षा केन्द्र उच्च शिक्षा व्यवस्था में मील का पत्थर साबित होगा। इसके माध्यम से प्रदेश के सभी राजकीय महाविद्यालयों के आधारभूत ढांचे, छात्र संख्या, विद्यार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित आंकड़े ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे। साथ ही शिक्षकों की कार्यप्रणाली की वास्तविक समय में निगरानी की जा सकेगी।

उन्होंने कहा कि विद्या समीक्षा केन्द्र के माध्यम से शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कार्मिकों के स्थानांतरण और पदोन्नति की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन, योजनाओं की प्रगति, संसाधनों के उपयोग और महाविद्यालयों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा की जाएगी। प्राप्त आंकड़ों और सूचनाओं का विश्लेषण कर उनका उपयोग नीति निर्माण में भी किया जाएगा।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विद्यालयी शिक्षा विभाग में विद्या समीक्षा केन्द्र का सफल संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में उच्च शिक्षा विभाग के लिए क्षेत्रीय कार्यालय और विद्या समीक्षा केन्द्र की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय कार्यालय विभागीय गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की नीतियों एवं कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यालयी शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक लिए गए विभिन्न निर्णयों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिली है।

उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र भसीन एवं डॉ. जयपाल सिंह चौहान ने कहा कि उत्तराखंड राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने वाला पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और शोध को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ विद्यार्थियों को मिल रहा है।

कार्यक्रम में पूर्व रूसा सलाहकार प्रो. एमएसएम रावत, प्रो. केडी पुरोहित, एससीईआरटी निदेशक वंदना गब्र्याल, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा प्रो. संगीता गुप्ता, डॉ. ममता ड्यूंडी नैथानी, बेसिक शिक्षा निदेशक केएस रावत, रूसा नोडल डॉ. अनीता रावत सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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