युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी पूंजी : मुख्यमंत्री धामी

युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी पूंजी : मुख्यमंत्री धामी
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देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है और युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम तथा नवाचार के बल पर ही विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे केवल अवसरों की प्रतीक्षा न करें, बल्कि स्वयं अवसरों का सृजन करने का संकल्प लें।

मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास देहरादून में आयोजित प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री धामी ने लाभार्थी नियोक्ताओं और कर्मचारियों को सम्मानित किया। देशभर में एक साथ आयोजित इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया और योजना के तहत 15 लाख से अधिक युवाओं एवं श्रमिकों को लगभग 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में भी इस योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रतिष्ठानों से जुड़े लगभग 6 हजार कर्मचारियों और 900 से अधिक नियोक्ताओं को 24 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित की जा रही है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं को 15 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है, जबकि रोजगार उपलब्ध कराने वाले संस्थानों को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी पर चार वर्षों तक प्रतिमाह 3 हजार रुपये तक की सहायता प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के साथ-साथ उद्योगों और संस्थानों को भी प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, फिट इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी पहलें युवाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी युवाओं को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना तथा दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य विकास योजना के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 30 से अधिक नीतियां लागू की गई हैं। वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों में से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। इसके लिए उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार करने हेतु सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है तथा लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क जैसी परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा किच्छा में एक हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड कमी दर्ज की गई है। पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि हुई है और बीते वर्ष जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि नीति आयोग की सतत विकास लक्ष्य (SDG) रैंकिंग में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर रहा है, जबकि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को “अचीवर्स” और स्टार्टअप रैंकिंग में “लीडर्स” श्रेणी प्राप्त हुई है।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक सविता कपूर, आयुक्त भविष्य निधि उत्तराखंड तथा बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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