उत्तराखंड राज्य पशु चिकित्सा सेवा संघ ने सीएम से पशुपालन विभाग के कार्मिकों को फ्रण्ट लाईन वर्कर के रूप में मान्यता देने का किया अनुरोध

उत्तराखंड राज्य पशु चिकित्सा सेवा संघ ने सीएम से पशुपालन विभाग के कार्मिकों को फ्रण्ट लाईन वर्कर के रूप में मान्यता देने का किया अनुरोध
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देहरादून। उत्तराखंड राज्य पशु चिकित्सा सेवा संघ ने मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र के मध्यम से पशु विभाग के पशुचिकित्साविद एवं अधीनस्थ कार्मिकों को कैंटोनमेंट जोन के अतिरिक्त अति आवश्यक पशु चिकित्सा सेवा देने, विभाग के कार्मिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों का टीकाकरण करने और पशुपालन विभाग के कार्मिको को फ्रंट लाईन कोविड वर्कर के रूप में मान्यता देते हुए बीमाकरण एवं अन्य सुविधाएं दिए जाने की मांग की।

प्रांतीय महासचिव डॉ आशुतोष जोशी ने बताया कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 की अवधि में पशुपालन विभाग द्वारा दी जा रही सेवाओं को आवश्यक सेवाओं के रूप में चिन्हकित किया गया है । पशुपालन विभाग के चिकित्सकों एवं सहयोगी कार्मिकों द्वारा पशुपालक किसानों के द्वार पर गांव में जाकर पशु चिकित्सा, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान ,बघियाकरण ,पशुबीमाकरण, टैगिंग, दवापान, दवा स्नान ,गर्भ की जांच, बांझपन चिकित्सा जैसी सेवाएं दी जाती है ।ऐसी स्थिति में पशुपालन विभाग के कार्मिकों द्वारा जाने अनजाने में कोरोनावायरस की आशंका की संभावना ज्यादा बनती है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से उपरोक्त को मध्यनजर रखते हुए पशुपालन विभाग के पशुचिकित्साविद एवं अधीनस्थ कार्मिकों द्वारा अति आवश्यक पशुचिकित्सा सेवाएं यथासंभव कंटेनमेंट जोन एवं महामारी वाले क्षेत्रों को छोड़कर देने की बात कही है।

उन्होंने कहा कि अन्य आवश्यक सेवा देने वाले विभाग के सापेक्ष पशुपालन विभाग के सभी कार्मिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता के आधार पर कोविड टीकाकरण करवाने , पशुपालन विभाग के कार्मिकों को फ्रंटलाइन कोविड-19 के रूप में मान्यता देते हुए बीमाकरण अन्य सुविधाएं देने का अनुरोध किया गया है।

देवभूमि खबर

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