उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी श्री बच्ची राम सती के निधन पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए
देहरादून।उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी श्री बच्ची राम सती (95) के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किये
राज्य आंदोलनकारी के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी व प्रदीप कुकरेती ने कहा कि श्री बच्ची राम जी जैसे वरिष्ठ राज्य आन्दोलनकारियो का जाना हमारे प्रदेश के लिए पीड़ा दायक है़। हमारी नई पीढ़ी भविष्य में उनके जीवन के कई अनुभवो को जो आजादी से लेकर वर्तमान तक तमाम समाजिक आन्दोलन में उन्होने प्रतिभाग किया उससे जरूर अनुसरण करेगी।
प्रदीप कुकरेती ने बताया कि बच्ची राम जी ने अंतिम सांस देहरादून के मियावाला अपने पुत्र के आवास पर ली। सती जी मूलरूप से चमोली जिले के निवासी थे और अपनी ग्राम सभा डुंगरी के प्रधान भी रहें। वह अपने पीछे तीन पुत्र व तीन पुत्रियों का हँसता खेलता परिवार छोड़ गये। बच्ची राम सती जी के पुत्र राधे वल्लभ सती आयुर्वेद विश्वविद्याय हर्रावाला देहरादून में निदेशक पद पर है़। बच्ची राम जी पृथक उत्तराखण्ड राज्य की मांग को लेकर चमोली से तमाम जन समूह के साथ दिल्ली के लिए रैली में गये तो 02-अक्टूबर 1994 वह भी उत्तर प्रदेश पुलिस की लाठीचार्ज के शिकार हुए और अपने हाथ को चोटिल होने के बावजूद उनके जज्बे में कभी कोई कमी नही रही। राज्य आंदोलनकारी मंच ने दुख प्रकट करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा क़ी शांति क़ी प्रार्थना की और श्रद्धा सुमन अर्पित किये।
इस अवसर पर ओमी उनियाल , जगमोहन सिंह नेगी , सुशीला बलूनी , रामलाल खंडूड़ी , प्रदीप कुकरेती , रामलाल खंडूड़ी , गणेश शाह , चन्द्र किरण राणा , प्रमोद पंत , जयदीप सकलानी , दीपक बर्थवाल , सुरेश कुमार , गणेश डंगवाल , राधा तिवारी, सुलोचना भट्ट , अरुणा थपलियाल , राकेश नौटियाल , प्रभात डन्ड्रियाल एंव अरुण थपलियाल (काली) राकेश नौटियाल , वीरेन्द्र सकलानी , वेदा कोठारी, गौरव खंडूड़ी, आदि उपस्थित थे।

