आंदोलन करने वाले ग्रामीणों को समन मिलने से हो रही परेशानी
पौड़ी। कोट ब्लाक के 60 से अधिक गांवों की पेयजल समस्या को हल करने की मांग को लेकर आंदोलन करने वाले ग्रामीणों को समन भेज रहा है। जिससे ग्रामीण परेशान हैं। आंदोलित ग्रामीणों ने डीएम से देवप्रयाग थाने में दर्ज मुकदमे जल्द वापस लिए जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक से भी ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमो को वापस लिए जाने की गुहार लगाई है। कोट ब्लाक के 60 से अधिक गांवों के ग्रामीणों ने रामकुंड-कादेखाल पेयजल पंपिंग योजना की मांग को लेकर अप्रैल-मई 2018 को सबधारखाल में आंदोलन किया था। जिसको लेकर आंदोलनकारी ग्रामीणों पर देवप्रयाग थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए गए थे। करीब एक साल से ग्रामीणों को लगातार समन मिल रहे हैं। जिसमें 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला से लेकर युवा शामिल हैं। समन मिलने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा है। मंगलवार को ग्रामीणों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर डीएम धीराज सिंह गब्र्याल से वार्ता कर उन पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने की मांग की। रामकुंड-कादेखाल पेयजल पंपिंग योजना प्रयास विकास समिति के लक्ष्मण सिंह बुटोला, इठ्ठन लाल ध्यानी, रोशन लाल, कल्याण सिंह व वैशाली देवी ने कहा कि ग्रामीणों ने मूलभूत आवश्यकता के लिए शांतिपूर्वक आंदोलन किया। लेकिन ग्रामीणों के आंदोलन पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन पिछले 1 साल से समन भेज रहा है। जिसकी संख्या धीरे-धीरे बढ़ते हुए 47 हो गई है। जबकि समन मिलने वाले तीन आंदोलनकारियों का निधन भी हो चुका है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने 75 वर्षीय चंदा देवी तक को समन दिया है, जो आंदोलन में शामिल ही नहीं थी। उन्होंने बताया कि स्थानीय विधायक आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने में रुचि नहीं ले रहे हैं। वे चाहे तो ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमे जल्द ही वापस हो सकते हैं। जिससे ग्रामीणों को मिलने वाले समनों का सिलसिला भी थम जाएगा और समस्याएं हल हो जाएंगी। इस मौके पर दिगंबर प्रसाद भट्ट, दरवान सिंह, गणेश मणि, गोविंद सिंह, हरपाल सिंह आदि मौजूद थे।

