घाट के ग्रामीणों का आंदोलन, सरकार की जनविरोधी नीतियों का नतीजा :विनोद कपरवाण

घाट के ग्रामीणों का आंदोलन, सरकार की जनविरोधी नीतियों का नतीजा :विनोद कपरवाण
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देहरादून।आप प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कपरवाण ने एक प्रेस बयान जारी करते हुए राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास विरोधी सरकार है जो ,राज्य के हितों के साथ जनता के हितों की भी लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि ,चमोली जिले के घाट में सड़क चौड़ीकरण को लेकर, वहां के ग्रामीण पिछले 51 दिनों से आंदोलन को मजबूर है । घाट के स्थानीय लोग इसके लिए लगातार आंदोलन कर रहे हैं ,लेकिन सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। पुरुष और महिलाएं सड़कों पर उतर कर सरकार के खिलाफ लगातार आंदोलन को मजबूर है । उनकी मांग है कि घाट – नंदप्रयाग सडक का चौड़ीकरण जल्द से जल्द किया जाए। आप उपाध्यक्ष ने कहा ,बीजेपी सरकार की कथनी और करनी का नतीजा ये आंदोलन है जो बताता है कैसे विकास की बात करने वाली ये सरकार ,जनविरोधी के साथ साथ , संवेदनहीन भी हो चुकी है ।आप पार्टी मांग करती है ग्रामीणों की भावनाओं और मजबूरी का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द इनकी मांग पर कार्यवाही करते हुए आंदोलन को खत्म करवाएं ।

आप उपाध्यक्ष ने कहा, 2017 में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस 19 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग के चौड़ीकरण एवं डामरीकरण की घोषणा की थी, जिसके बाद इस काम के लिए 1 करोड़ 28 लाख 44 हजार रुपये की वित्तीय स्वीकृति का आदेश जारी हुआ.लेकिन तब से अब तक सवा दो साल की अवधि बीत चुकी है. जिससे मजबूरन ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा। आप उपाध्यक्ष ने कहा,घोषणा और वित्तीय स्वीकृति के बाद भी सड़क का नहीं बन पाने के लिए भी सरकार ज़िम्मेदार है जिसने दिसंबर 2018 में सड़क चौड़ीकरण के लिए पीसीयू मानकों को नए सिरे से निर्धारित करते हुए एक आदेश जारी किया जिसके आधार पर रोजाना 3000 से कम वाहनों की आवाजाही वाले सड़कों का सिंगल लेन से डेढ लेन चौड़ीकरण नहीं किया जाएगा. और रोजोना 8000 से कम वाहनों की आवाजाही वाली सड़कों का डबल लेन नहीं किया जाएगा.इसी बदलाव के चलते अब तक नंदप्रयाग-घाट सड़क चौड़ीकरण नहीं हो पाया जबकि ये आदेश मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद हुआ था। अब सवाल ये उठता है
क्या अधिकारियों को आदेश जारी करने से पहले इस बात की पड़ताल नहीं करनी चाहिए थी कि कहीं इसकी जद में मुखिया की घोषणाएं तो नहीं आ रहीं ?

क्या विभागीय मंत्री होने के नाते मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को इसकी कोई जानकारी नहीं थी ?

या फिर कहीं ऐसा तो नहीं कि घोषणा पूरा न कर पाने की नाकामी से बचने के लिए यह मानकों में बदलाव वाली ‘ट्रिक’ अमल में लाई गई हो ?

वजह जो भी हो, सवाल त्रिवेंद्र सरकार की मंशा पर ही खड़े होते हैं.जिसकी वजह से आज ये आंदोलन एक बड़े आंदोलन की तरफ अग्रसर है । ये हाल सिर्फ घाट सड़क का नहीं है बल्कि ऐसी कई घोषणाएं है जो इस बदलाव के चलते अधर में लटकी है । 10 जनवरी की मानव श्रंखला के बाद मुख्यमंत्री ने जरूर विभागीय कार्यवाही के लिए कहा,लेकिन यहां की जनता अब मुख्यमंत्री की बात पर विश्वास नहीं कर रही और लगातार आंदोलन जारी है को मुख्यमंत्री के लिए यहां के ग्रामीणों द्वारा किसी तमाचे से कम नहीं।

इस आंदोलन के लिए स्थानीय ग्रामीण सैकडों की संख्या में मानव श्रृंखला समेत रैली भी निकाल चुके हैं ,और कुछ लोग इस निर्माण को लेकर आमरण अनशन पर भी बैठे हुए हैं। जिनके स्वास्थय में लगातार गिरावट आ रही है ,लेकिन सरकार इन लोगों की सुध नहीं ले रही है। सरकार पुलिस द्वारा लोगों को डराने का काम अलग कर रही है। पुलिस द्वारा बाजार में फ्लैग मार्च करवाया जा रहा है। जिससे ये स्पष्ट होता है कि, सरकार लोगों की आवाज को दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि ,लोगों की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा। आप पार्टी क्षेत्रीय लोगों के साथ खडी होकर उनकी मांग की लडाई लडेगी, और लडाई तब तक जारी रहेगी ,जब तक लोगों की ये मांग पूरी नहीं हो जाती।

आप उपाध्यक्ष ने कहा कि ये राज्य का सबसे बडा दुर्भाग्य है कि ,इस प्रदेश में लोगों को अपने हक के लिए सडकों पर उतरकर प्रदर्शन और आंदोलन करने पडते हैं। एक ओर सरकार करोंडो रुपयों की घोषणाएं कर रही है ,लेकिन वहीं दूसरी ओर जनता को सडकों पर विवश होकर आंदोलन करने को मजबूर होना पड रहा है। क्षेत्र की महिलांए और पुरुष अपने काम काज छोडकर आज सडकों पर आंदोलन कर रहे हैं,क्या ये सरकार पूरी तरह संवेदनहीन हो गई है। क्या ऐसे ही मजबूरन लोगों को सडकों पर उतरना पडेगा। इस तानाशाही को आप पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। जनता का दमन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आप पार्टी क्षेत्रीय जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खडी है और ये मांग करती है कि सरकार तुंरत इन लोगों का संज्ञान ले और इस निर्माण को हरी झंडी दे,ताकि अनशन और आंदोलन कर रहे लोगों को राहत मिल सके और क्षेत्र में सडक निर्माण का कार्य जल्द हो सके। अगर जल्द ही इस पर सरकार अमल नहीं करती है तो ,आप पार्टी इस जनांदोलन में ग्रामीणों के साथ अनशन पर सरकार के खिलाफ बैठेगी।

देवभूमि खबर

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