उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रख्यात गायिका लता मंगेशकर के निधन पर किया गहरा दुःख व्यक्त
उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रख्यात गायिका लता मंगेशकर के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। श्री नायडू ने ‘भारतीय सिनेमा की स्वर कोकिला’ के देहावसान पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि “लता जी के निधन से भारत ने अपनी आवाज को खो दिया है।”
प्रधानमंत्री ने उनके परिवार से बात करते हुए अपनी संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ियां उन्हें भारतीय संस्कृति के एक दिग्गज के रूप में हमेशा याद रखेगी, उनकी सुरीली आवाज में लोगों को मंत्रमुग्ध करने की अद्वितीय क्षमता थी।
ट्वीट्स की एक श्रृंखला में, प्रधानमंत्री ने कहा;
“मैं इस दुख को शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता। सरल और देखभाल करने वाली लता दीदी अब हमारे बीच नहीं हैं। उनके जाने से देश में एक रिक्त स्थान बन गया है जिसे कभी नहीं भरा नहीं जा सकता। आने वाली पीढ़ियां उन्हें भारतीय संस्कृति के एक दिग्गज के रूप में याद रखेंगी, उनकी सुरीली आवाज में लोगों को मंत्रमुग्ध कर देने की एक अद्वितीय क्षमता थी।”
“लता दीदी के गीतों में भावनाओं की विविधता थी। उन्होंने दशकों तक भारतीय फिल्म जगत के बदलावों को करीब से देखा। फिल्मों से परे, वह हमेशा भारत के विकास को लेकर सजग थीं। वह हमेशा एक मजबूत और विकसित भारत को देखना चाहती थीं।”
“मैं इसे अपना सम्मान मानता हूं कि मुझे लता दीदी से हमेशा अपार स्नेह मिला है। उनके साथ मेरी बातचीत अविस्मरणीय रहेगी। मैं लता दीदी के निधन पर अपने देशवासियों के साथ अत्यंत दुखी हूं। उनके परिवार से बात की और संवेदना व्यक्त की। ओम शांति।”
भारतीय सिनेमा की सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर जी का निधन देश की और संगीत जगत की अपूरणीय क्षति है। लता जी के निधन से आज भारत ने अपना वह स्वर खो दिया है जिसने हर अवसर पर राष्ट्र की भावना को भावपूर्ण अभिव्यक्ति दी। उनके गीतों में देश की आशा और अभिलाषा झलकती थी।

