सकारात्मक विचार एव आध्यात्मिक ऊर्जा से कोविड-19 की चुनौतियों को नियंत्रित करने में सफलता मिलेगी: डॉक्टर मोहित गुप्ता

सकारात्मक विचार एव आध्यात्मिक ऊर्जा से कोविड-19 की चुनौतियों को नियंत्रित करने में सफलता मिलेगी: डॉक्टर मोहित गुप्ता
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देहरादून।दून विश्वविद्यालय मे कोविड-19 की चुनौतियों के लिए अकादमिक प्रकोष्ठ का गठन को लेकर दून विश्वविद्यालय में आयोजित व्याख्यानमाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए गोविंद बल्लभ पंत चिकित्सालय नई दिल्ली के वरिष्ठ एवं सुप्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट प्रोफेसर डॉक्टर मोहित गुप्ता ने कहा के जीवन में हर व्यक्ति को अपने मस्तिष्क की ऊर्जा को सकारात्मक एवं सृजनात्मक तरीके से उपयोग कर न सिर्फ कोविड-19 चुनौतीयों को कम करने में सहायक होंगी बल्कि रोजमर्रा की बीमारियां काफी हद तक कम करने में सहायक होंगी ।

डॉ गुप्ता ने कहा कि विचारों की शक्ति से रिश्ते निर्धारित होते हैं और उन रिश्तो से हमारे वातावरण एवं पर्यावरण का भी निर्माण होता है ।इसलिए हमारी सोच – विचार हमारे सामाजिक एवं पारिस्थितिकी वातावरण के निर्माण में सहायक होते हैं ।उन्होंने चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में दुनिया के विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए अध्ययनों का जिक्र करते हुए प्रायोगिक रूप से स्पष्ट किया कि कई बीमारियां की प्रक्रिया मानसिक सोच पर निर्भर करती है और इसलिए उनके उपचार के लिए और उनका निदान दवाइयों के अलावा योग एवं आध्यात्मिकता के अभ्यास से किया जा सकता है।

व्याख्यानमाला का उद्घाटन करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत ने कहा कि इस कोरोना काल में दून विश्वविद्यालय द्वारा किया जा रहा यह प्रयोग निश्चित रूप से सराहनीय है और इसका विद्यार्थियों एवं राज्य की जनता को लाभ प्राप्त होगा। डॉक्टर धन सिंह रावत ने राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 की चुनौतियों को नियंत्रित करने की दृष्टि से उठाए गए कदमों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य के अस्पतालों में ऑक्सीजन वेंटिलेटर ,आईसीयू बेड उपलब्ध है साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में 80% से भी अधिक गांव को दवाइयां वितरित की जा रही है ।ग्राम सभाओं को भी धन वितरित किया गया है ।जिससे वह ग्राम स्तर पर इन चुनौतियों का मुकाबला कर सके। टीकाकरण के संदर्भ में भी उन्होंने सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों का वर्णन किया ।डॉक्टर धन सिंह रावत ने कहा कि 3 महीने के लिए सरकार राज्य के नागरिकों को खाद्य सामग्री निशुल्क वितरित कर रही है। इस कठिन दौर में हम सबका दायित्व है कि हम चिकित्सा व्यवसाय से जुड़े चिकित्सकों एवं समस्त चिकित्सा कर्मियों की हौसला अफजाई करें जिससे हम इस कठिन समय में मानवता की रक्षा और प्रभावी ढंग से कर सकें ।डॉक्टर धन सिंह रावत ने शिक्षण एवं अध्यापन के वैकल्पिक प्रयोगों के कार्यान्वयन हेतु सुझाव भी आमंत्रित किए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों के साथ प्रभावी एवं बेहतर संवाद स्थापित करने की दृष्टि से वैकल्पिक शिक्षण विधियों पर विचार करना होगा ।

इस अवसर पर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति लब्ध वैज्ञानिक प्रोफेसर एसपी सिंह ने कहा कि मुझे खुशी है कि दून विश्वविद्यालय अपने सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वाह करते हुए आज इस कोरोना जैसे संकट के काल में समाज की सेवा के लिए आगे आ रहा है ।डॉ सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालयों को ऐसे शोध संचालित करने होंगे जो इस वायरस के संक्रमण को रोकने एवं उपचार हेतु प्रभावी हो सके। उन्होंने कहा कि हमें विज्ञान को एवं वैज्ञानिक शोधों को आम व्यक्ति के प्रयोग हेतु सरल व आसान बनाने की दिशा में भी कार्य करना होगा। डॉ सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालयों को हमेशा समाज के साथ सामंजस्य स्थापित करने होंगे और समाज की परेशानियों का अध्ययन कर सरकार को सहयोग करना चाहिए।

कार्यक्रम के प्रारंभ में दून विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की अकादमिक कार्य योजना का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय कोविड-19 की चुनौतियों से निपटने के लिए समाज एवं विशेषज्ञों के साथ संवाद स्थापित करने की दिशा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और यह क्रम कोविड-19 के बाद भी जारी रखा जाएगा ।कुलपति ने कहा कि दून विश्वविद्यालय समाज के उपयोग के शोध एवं अध्ययन को प्रोत्साहित एवं संचालित करेगा ।

इस अवसर पर सुप्रसिद्ध शल्य चिकित्सक डॉ महेश भट्ट, भारतीय वन्य जीव शोध संस्थान संस्थान के डॉ धनंजय मोहन, डॉक्टर सत्य प्रकाश ,प्रोफेसर कुसुम अरुणाचलम अक्षय द्विवेदी, कुलसचिव डॉ मंगल सिंह मंद्रवाल ,उप कुलसचिव श्री नरेंद्र लाल, डॉ अरुण कुमार ,डॉ राजेश भट्ट ,डॉक्टर नरेश मिश्रा आदि शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे ।कार्यक्रम का संचालन अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर एच सी पुरोहित ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर हर्ष डोभाल ने किया ।

देवभूमि खबर

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