डीएम ने पूर्ति विभाग को उपभोक्ता संरक्षण को लेकर अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिये
पौड़ी।जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद की बैठक में जिलाधिकारी श्री धीराज सिंह गब्र्याल ने पूर्ति विभाग को उपभोक्ता संरक्षण को लेकर अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिये। उन्होंने उपभोक्ताओं के बीच अभियान चलाकर जानकारी मुहैया कराने के भी निर्देश दिये। कहा कि मिलावटी दौर में उपभोक्ता अपने को ठगा महसूस ना करें, इसके लिए उन्हें उपभोक्ता सरंक्षण अधिनियम की तकनीकी जानकारियां दी जानी आवश्यक है।
जिला पूर्ति विभाग के तत्वाधान में आज जिलाधिकारी श्री धीराज सिंह गब्र्याल ने अपने कार्यालय कक्ष में जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद, बैठक की अध्यक्षता करते हुए, पूर्ति विभाग को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के बारे में अधिक से अधिक जानकारियां उपभोक्ताओं को देने को कहा। कहा कि मौजूदा समय में उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों की पूरी जानकारी हो इस बात का विभाग विशेष तौर पर ख्याल रखें। उन्होंने कहा कि ठगी और धोखादड़ी से बचने के लिए उपभोक्ताओं के पास यह अचूक हथियार है। बैठक का संचालन करते हुए जिला पूर्ति अधिकारी जसवंत सिंह कण्डारी ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-1986 तथा उपभोक्ताओं के अधिकारों को लेकर तकनीकी जानकारियां दी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को बाजार से कोई भी वस्तु क्रय करते सयम बिल की प्रति लेनी बेहद आवश्यक है। बिल प्रति के आधार पर सामान या वस्तु में किसी भी प्रकार की खामी पाए जाने पर उपभोक्ता फोरम में उसे प्रस्तुत किया जा सकता है। कहा कि फोरम में इस तरह के मामले दो वर्षों के भीतर ही दायर करने होते हैं। लंबी अवधि के मामलों को फोरम दायर नहीं किये जाने का भी प्राविधान है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को सही मूल्य पर सही सामान प्राप्त हो इसके लिए इस अधिनियम को विधिपूर्वक तीन स्तर पर ेफोरम का गठन किया गया है। इसके तहत जिला स्तर पर जिला उपभोक्ता फोरम, प्रदेश स्तर पर प्रांतीय उपभोक्ता फोरम तथा राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय उपभोक्ता फोरम को स्थापित किया गया है। उन्होंने उपभोक्ता संरक्षण के कई मामलों को बतौर उदाहरण भी विस्तार से समझाया।
इस मौके पर लैप्रोसी अधिकारी जी.एस. तालीयान, एआरटीओ द्वारिका प्रसाद, ईई ऊर्जा निगम अभिनव रावत, एई जल संस्थान सुनील बिष्ट, यातायात कर अधिकारी राजेंद्र विराटिया, सहायक निबंधक एमसी टम्टा, माधो सिंह, देवेंद्र सिंह, पूर्ति निरीक्षक राकेश पंत, आलोक बड़थ्वाल आदि उपस्थित रहे।

