हमें किसी भी भाषा के प्रभाव मे न आकर अपनी मातृभाषा पर गर्व करना चाहिए :कुलपति
देहरादून।मातृभाषा दिवस मनाने के अनुक्रम में आज 23 फरवरी को दून विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कुलपति ने कहा कि मातृभाषा से ही व्यक्ति की पहचान होती है, हमें अपने घर परिवार में अपनी मातृभाषा का प्रयोग करना चाहिए। इस अवसर पर उन्होने भारतेंदु हरिश्चंद्र आदि का मातृभाषा की ओर योगदान को भी याद किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि हमें एक दिन के लिए मातृभाषा को याद नहीं करना चाहिए परंतु उसे आम बोलचाल का हिस्सा बनाना चाहिए।
इस अवसर पर छात्रों द्वारा लोकनृत्य, लोकगीत, स्वरचित कविताएं, भाषण आदि प्रस्तुत किए गए।
कार्यक्रम में ऐश्वर्या थपलियाल द्वारा विशेष प्रस्तुति दी गई। तथा शिक्षकों द्वारा भी एक लोकगीत पर प्रस्तुति दी गई।
इस अवसर पर डॉ एमएस मंद्रवाल, डॉ, एचसी पुरोहित , सुनीत नैथानी , आलोक मलासी, डॉ नितिन कुमार, मधु बिष्ट, ओमकार , अस्मिता आदि मौजूद रहे।

