पीएमईजीपी एवं एमएसएमई के तहत अच्छा कार्य करने वाले बैंक शाखा प्रबन्धकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया
चमोली।जिला स्तरीय पुनर्निरिक्षण समिति (डीएलआरसी) की त्रैमासिक बैठक मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे की अध्यक्षता में क्लेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। जिसमें बैकर्स को सरकार द्वारा प्रायोजित ऋण योजनाओं को क्रियान्वित कर जिले के ऋण जमा अनुपात (सीडी रेश्यों) में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत ऋण स्वीकृति के लिए बैकों में लंम्बित आवेदनों की समीक्षा भी की गई तथा विगत वर्ष में पीएमईजीपी एवं एमएसएमई के तहत अच्छा कार्य करने वाले बैंक शाखा प्रबन्धकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने ऋण जमा अनुपात के लिए निर्धारित 40 प्रतिशत लक्ष्य के सापेक्ष बैंकर्स द्वारा अप्रैल से जून त्रैमास में केवल 31.61 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सरकार द्वारा प्रायोजित ऋण योजना के अन्तर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों पर शीघ्र कार्यवाही करते हुए जनपद के सीडी रेशियो में सुधार लाने के निर्देश दिए। अप्रैल से जून त्रैमास में जिले में कार्यरत 18 बैंकों में 07 बैंकों का सीडी रेश्यों 40 प्रतिशत से कम रहा। इनमें एक्सिस बैंक का सीडी रेश्यों 0.81, पीएनबी 9.31, एसबीआई 26.28, सेंट्रल बैंक 28.43, पंजाब एंड सिंध बैंक 31.80 नैनीताल बैंक 32.86, तथा सिंडिकेट बैंक का सीडी रेश्यो 35.50 शामिल है। सीडीओ ने बैकर्स को प्रोएक्टिव होकर लोगों के बीच जाकर ऋण स्वीकृत कराने को कहा। ताकि अधिक से अधिक लोगों को ऋण योजनाओं का लाभ मिले और जिले के सीडी रेश्यों में सुधार हो सके।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कुछ लोगों के बैंक खाते आधार से सीडिंग न होने के कारण उन तक डीबीटी का लाभ नही पहुॅच रहा है। उन्होंने बैकर्स को अभियान चलाकर सभी खातों को आधार से लिंकेज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में बैंकिग सेवा उपलब्ध कराने के लिए वी-सेट स्थापित करने तथा बीसी (बैकिंग क्राॅसपोन्डेट) की नियुक्ति करने को कहा। एनआरएलएम के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों को शत प्रतिशत बैंक लिंकेज कराने के निर्देश दिए। पीएम आवास योजना के तहत लाभार्थियों को भूमि रजिस्ट्री प्रमाण पत्र उपलब्घ कराने में आ रही व्यावहारिक कठिनाईयों को दूर करने के लिए नगर पालिका को पत्रालेख तैयार करने की बात कही। उन्होंने पीएमईजीपी, वीरचन्द्र सिंह गढवाली पर्यटन स्वरोजगार, होम स्टे, एवं समाज कल्याण के माध्यम से संचालित बहुउद्देशीय योजना के तहत लंबित आवेदनों पर शीघ्र कार्यवाही करते हुए ऋण स्वीकृत करने के निर्देश बैकर्स को दिए। कहा कि किसी भी योजना में लाभार्थी के आवेदन में कोई भी कमी पाए जाती है तो तत्काल संबधित विभाग से समन्वय करते हुए कमियों को दूर करना सुनिश्चित करें। कैशलेस ट्रान्जेक्शन के लिए अधिक से अधिक दुकानों में पाॅस मशीन उपलब्ध कराने को कहा। इस अवसर पर 08 बैंक शाखा प्रबन्धकों को पीएमईजीपी एवं एमएसएमई के तहत विगत वर्ष में अच्छा कार्य करने पर जिलाधिकारी की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
लीड बैंक प्रबन्धक जीएस रावत ने अवगत कराया कि अप्रैल से जून तिमाही में जिले का ऋण जमा अनुपात 31.61 प्रतिशत है, जो कि पिछली तिमाही के सापेक्ष 6.94 प्रतिशत कम है। जिले के नेटवर्क विहीन 493 गांवों में से 485 गांवों में बीसी के माध्यम से बैकिंग सुविधाएं शुरू की गई है, अवशेष 8 गांवों में भी शीघ्र बैंकिग सुविधा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर सीटीओ वीरेन्द्र कुमार, आरबीओ हल्द्वानी केएस नेगी, रिजनल मैनेजर एसबीआई पीएस राणा, डीडीएम नाबार्ड अभिनव कापडी, एलडीएम जीएस रावत, उप प्रबन्धक एमएल खनेडा, जीएमडीआईसी डा0 एमएस सजवाण, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ले0कर्नल(अ0प्रा0) बीएस रावत सहित कृषि, उद्यान, पशुपालन, रेशम, मत्स्य, पर्यटन, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास, आजीविका, विकास खण्ड एवं नगर पालिका के अधिकारी तथा सभी बैकों के शाखा प्रबन्धक मौजूद थे।

