सरकार जनता से दुगने व चार गुने टैक्स बढ़ाकर वसूलने के निर्णयों को तुरंत वापिस ले:ध्यानी
देहरादून ।उत्तराखंड क्रांतिदल के महानगर अध्य्क्ष सुनील ध्यानी ने सरकार पर जनता को छलने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि सरकार की आर्थिक स्थिति ठीक नही है जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। प्रेस को जारी विज्ञप्ति के माध्यम से ध्यानी ने कहा कि सरकार बढ़ती महँगाई से जनता त्रस्त है वही राज्य कर्ज के बोझ के नीचे दबा है।जहाँ सरकार को फिजूलखर्ची पर रोक लगानी थी वही माननीयों के वेतन चार गुना बढ़ोतरी कर चुकी है।खुले बाजार से कर्जा लेकर कर्मचारियों का वेतन दिया जा रहा है।वही सरकारी विभाग घाटे में चल रहे है।आज ऊर्जा निगम को 695 करोड़ रुपये का घाटा है,सरकार बिजली की दरों में बढ़ोतरी करके भरपाई कर रही है जबकि व्याप्त भ्रष्टाचार जो ऊर्जा निगम के अंतर्गत विगत सालों से चल रहे है उसके लिए अभी तक कि सरकारों ने कोई कार्यवाही दोषियों पर नही किये जबकि करोड़ो रूपये के घोटाले ऊर्जा निगम में हुए है।पानी और हाउस टैक्स की दरों में बढ़ोतरी जैसा फैसला सरकार ले चुकी है।जिसका दल पुरजोर विरोध कर चुका है तथा सरकार को आगाह भी कर चुका है।उन्होंने कहा कि बिजली, पानी और हाउस टैक्स में कोई बढ़ोतरी न किया जाय।उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जीरो टोरलेन्स की त्रिवेंद्र की सरकार सर्व प्रथम विभागीय स्वम् मुख्यमंत्री के विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाये। महानगर अध्यक्ष सुनील ध्यानी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि फिजूलखर्ची और वित्तीय घाटे का बोझ जनता से दुगने व चार गुने टैक्स बढ़ाकर वसूलने के निर्णयों को तुरंत वापिस नहीं लिया गया तो उक्रांद व्यापक स्तर पर आंदोलन करेगा।

