जिलाधिकारी वी. षणमुगम ने टिहरी स्थित पुनर्वास कार्यालय का किया औचक निरीक्षण
नई टिहरी ।जिलाधिकारी डाॅ0 वी0 षणमुगम द्वारा नई टिहरी स्थित पुनर्वास कार्यालय का औचक निरीक्षण किया गया। साथ ही पुनर्वास कार्यालय में बैठक आयोजित कर टिहरी बांध परियोजना के निर्माण एवं परियोजना से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास कार्यों के बारें में पुनर्वास कार्यालय के अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली गयी तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। जिलाधिकारी ने ईई पुनर्वास गणेश भट्ट को निर्देश दिये कि हनुमन्त राव समिति एवं सम्पाशर््िवक क्षति निति-2013(कोलाट्रेल डेमेज पाॅलिसी) के अन्तर्गत प्रभावित क्षेत्रों व प्रभावितों का कुल विवरण, कितने प्रभावितों को लाभान्वित किया जा चुका है तथा कितने व किस क्षेत्र के प्रभावित लाभान्वित होने से वंचित हैं आदि का पूरा विवरण शीघ्र उन्हें (जिलाधिकारी) को उपलब्ध कराया जाय।
बता दें कि हनुमन्त राव समिति टिहरी झील से ( टिहरी जलाशय की परिधि पर आरएल 835 मी0 तक) प्रभावितों के पुनर्वास के लिए बनायी गयी थी। जबकि सम्पाशर््िवक क्षति निति-2013 टिहरी जलाशय की परिधि पर आरएल 835 मी0 से ऊपर (झील से ऊपरी क्षेत्र) के ग्रामांे के प्रभावितों के लिए बनायी गयी थी। टिहरी बांध परियोजना चैबीस सौ मेगावाट की परियोजना है जिसके अन्तर्गत कोटेश्वरबांध द्वितीय चरण है जिसमें(कोटेश्वर बांध में) चार सौ मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा है। जबकि एक हजार मेगावाट विद्युत टिहरी बांध बना रहा है शेष एक हजार मेगावाट स्टोरेज प्लांट निर्माणाधीन है।
बैठक में जिलाधिकारी ने पुनर्वास विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि पुनर्वास कार्यालय में आने वाली शिकायतों का नियमानुसार पारदर्शिता के साथ निर्धारित समय अवधि के भीतर निराकरण किया जाय। वास्तविक रूप से पात्र व्यक्ति को पुनर्वास निति के तहत लाभ दिया जाना सम्भव है तो समयानुसार दे दिया जाय अगर नियमानुसार नहीं दिया जा सकता है तो सम्बन्धित शिकायतकर्ता को स्पष्ट कर दिया जाय। उन्हांेने चेतावनी दी की वास्तविक पात्र व्यक्तियों को गुमराह न किया जाय ऐसी शिकायत मिलने पर सख्त कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। जिलाधिकारी ने पुनर्वास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि पुनर्वास विभाग द्वारा श्मशानघाट, विद्यालय आदि जो बनाये जाने थे उनमंे कितने निर्माण कार्य प्रस्तावित थे, कितने निर्माण कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, कितने निर्माणाधीन कार्य लम्बित हैं तथा किस स्तर पर लम्बित हैं आदि का विवरण भी शीघ्र उपलब्ध कराया जाय। जिलाधिकारी ने टीएचडीसी एवं पुनर्वास विभाग के अधिकारियों की प्रत्येक बुधवार को बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिये।
वहीं पुनर्वास कार्यालय के निरीक्षण के दौरान कार्यालय में गंदगी पाये जाने पर जिलाधिकारी द्वारा कड़ी नाराजगी जाहिर की गयी तथा उचित सफाई व्यवस्था बनाये रखने के निर्देश कार्यालय के अधिकारियों/कर्मचारियों को दिये गये। वहीं जिलाधिकारी द्वारा पुनर्वास कार्यालय में विद्युत फिटिंग ठीक से न होने तथा सभी कार्यालय कक्षों में विद्युत व्यवस्था ठीक से न होने पर भी नाराजगी व्यक्त की गयी तथा तत्काल विद्युत व्यवस्था ठीक कराये जाने के निर्देश दिये। वहीं अधिकारियों/कर्मचारियों को समय पर कार्यालय में उपस्थित होने के भी निर्देश जिलाधिकारी ने दिये।

