जिलाधिकारी डाॅ0वी0 षणमुगम ने की विभिन्न विभागों की समीक्षा
नई टिहरी । जिलाधिकारी डाॅ0वी0 षणमुगम द्वारा कलक्ट्रेट सभागार में पेयजल निगम, जल संस्थान, लोनिवि, पीएमजीएसवाई, उरेड़ा, स्वास्थ्य, वन आदि विभिन्न विभागों के कार्याें की विभागवार समीक्षा की गयी तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। पेयजल निगम के कार्यो की समीक्षा के दौरान लम्बी अवधि से विकास खण्ड चम्बा के अन्तर्गत निर्माणाधीन सारज्यूला पेयजल पम्पिंग योजना का लक्ष्य के अनुरूप उद्देश्य पूरा न होने पर जिलाधिकारी द्वारा कड़ी नारजगी जाहिर की गयी तथा सारज्यूला पेयजल योजना की जांच हेतु मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की। उन्हांेने विकास खण्ड भिलंगना के अन्तर्गत मरवाड़ी पेयजल योजना की जांच पूर्ण होने तथा दोषी के विरूद्ध मुख्य विकास अधिकारी द्वारा एफआईआर दर्ज कराये जाने पर भी दोषी को अरेस्ट न करवाये जाने पर भी जिलाधिकारी द्वारा कड़ी नाराजगी जाहिर की गयी तथा ईई पेयजल निगम घनसाली को आगे की कार्यवाही के निर्देश दिये। साथ ही भिलंगना ब्लाक के अन्तर्गत ही सेन्दुल पेयजल योजना का फिल्टर भी तत्काल ही ठीक करवाये जाने के निर्देश ईई पेयजल निगम घनसाली को दिये। वहीं जिलाधिकारी द्वारा नोडल अधिकारी पेयजल पम्पिंग योजना ईई आलोक कुमार को निर्देश दिये गये कि जनपद में पूर्ण हो चुकी 08 पेयजल पम्पिंग योजनाओं का संयुक्त निरीक्षण कर 15 दिन के भीतर इन 08 पेयजल योजनाओं को जल संस्थान को हैण्डओवर कर दिया जाय। साथ ही जिलाधिकारी ने समस्त धनोल्टी क्षेत्र के लिए भी पेयजल पम्पिंग योजना का प्रस्ताव तैयार किये जाने के निर्देश नोडल अधिकारी पेयजल निगम ईई आलोक कुमार को दिये।
जिलाधिकारी ने सड़क निर्माण से जुड़े विभागों को निर्देश दिये कि सड़क मार्ग सम्बन्धी जितने भी बड़े प्रोजेक्ट हंै वे समय पर पूर्ण हो सकंे इस हेतु समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण कर कार्यो की गुणवत्ता परखी जाय तथा कार्यो में तेजी लायी लाने के लिए ठेकेदारों को प्रोत्साहित किया जाय ताकि स्थानीय जनता को योजनाओं का लाभ समय पर एवं अधिक लम्बी अवधि तक मिल सके। जिलाधिकारी ने लोनिवि के अधिकारियों को गत वर्ष की धनराशि एक माह में खर्च करने के निर्देश तथा पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को कार्यो में तेजी लाने तथा रोड़ वाईज प्रगति रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर जिलाधिकारी द्वारा कड़ी नाराजगी जाहिर की गयी तथा सीएमओ को सभी चिकित्सालयों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरूस्त करवाये जाने के निर्देश दिये। उन्होने सीएमओ को निर्देश दिये कि जनपद में जितनी भी एम्बुलेंस है उनकी फिटनेस चेकिंग करवाई जाय तथा जनपद में जैनरिक दवाईयों के स्टोर खुलवाये जायें। जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देश दिये गये कि प्रत्येक स्वास्थ्य केन्द्र में आने वाले मरीजों के सम्बन्धित स्वास्थ्य केन्द्र पर ही अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के कार्ड बनाये जायंे। चिकित्सालयों में स्थित फार्मेसी में उपलब्ध दवाईयों का विवरण, फार्मेसी से चिकित्सालय के ही डाक्टरों द्वारा हायर की गयी दवाईयों एवं चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को वितरित की गयी दवाईयों का प्रतिदिन का विवरण पंजिका में दर्ज किये जाने के निर्देश फोर्मेसिस्टों को दिये जायें। साथ ही चिकित्सकों को निर्देशित किया जाय कि वे पर्ची में दवाईयों का नाम पूर्ण विस्तार से उचित तरीके से लिखें।
जिलाधिकारी द्वारा लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों को प्रत्येक विकास खण्ड में एक करोड़ के कार्य मनरेगा से समन्वय बनाकर करने के निर्देश दिये गये। वहीं उरेड़ा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनपद क्षेत्रान्तर्गत बंजर भूमि को सोलर पार्क के रूप में प्रयोग करने हेतु योजना बनायी जाय।
बैठक में डीएफओ कोकोरोशे, सीएमओ भागीरथी जंगपांगी, अधीक्षण अभियन्ता लोनिवि एन पी सिंह, पीडी डीआरडीए भरत चन्द्र भट्ट डीडीओ आनन्द सिंह भाकुनी, ईई पेयजल निगम आलोक कुमार, रकमपाल, नवनीत कटरिया व राजेश सिंह, ईई जल संस्थान सतीश चन्द्र नौटियाल, ईई विद्युत राकेश कुमार, ईई पीएमजीएसवाई आरपी पन्त व संजय श्रीवास्तव, ईई लघु सिंचाई अतुल पाठक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

