गढ़भोज पलायन के कारण समाप्त हो रही देवभूमि की परम्परा को बनाये रखने का प्रयास :लक्ष्मण सिंह रावत

Spread the love

देहरादून।देवभूमि खबर। देवभूमि उत्तराखण्ड के जैविक उत्पादों युक्त अनाजों का विभिन्न प्रकार से गढ़भोज नामक फेमिली रेस्टोरेंट में खाद्यान के रूप में संचालन किया जा रहा है। जिसमें कोदा, झंगोरा, कौणी, मारसा, सफेद भट्ट तिल, तोर, गहथ आदि सभी पर्वतीय अनाज दलहन, तिलहनों का आधुनिक स्वरूप में पारम्परिक रीति-रिवाजों के साथ संचानल कर निर्वहन किया जा रहा है। शुक्रवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में गढ़भोज संचालक लक्ष्मण सिंह रावत ने कहा कि देवभूमि का पारम्परिक भोजनालय माॅं कालिंका गढभोज फेमिली रेस्टोरेंट का शुभारम्भ किया जा रहा है। उन्होने कहा कि देवभूमि की विलुप्त खाद्य व्यंजन, संस्कृति पलायन के कारण समाप्त हो रही है। इसी के संरक्षण, सम्बद्र्वन और देवभूमि की परम्परा को बनाये रखने का प्रयास किया जा रहा है। रेस्टोरेंट का उदघाटन 12 मई हरिद्वार रोड भानियावाला डोईवाला में रविवार सांय 5 बजे किया जायेगा। जिसका उद्घाटन नागालैण्ड के राज्यपाल महामहिम पीबी आचार्य के कर कमलों द्वारा किया जायेगा। इस अवसर पर प्रेसवार्ता में लक्ष्मण सिंह रावत, महावीर सिंह नेगी, बलदेव राणा, अनिल गोदियाल, शेर सिंह नेगी, किशन नवानी, रणजीत रावत, विजय उनियाल आदि उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

Related articles