भारत की संत परम्परा ने ही समृद्ध भारत को आधार प्रदान किया है:बाबा रामदेव

हरिद्वार।देवभूमि खबर। स्वामीनारायण आश्रम भूपतवाला के पांच दिवसीय रजत जयन्ती समारोह के अर्न्तगत श्रीस्वामिनारायण सम्प्रदाय की वड्ताल गद्दी के महंत स्वामी घनश्याम प्रकाश महाराज की अध्यक्षता तथा स्वामी हरिबल्लभ दास शास्त्री के संयोजन में विराट संत सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में योगऋषि बाबा रामदेव ने कहा कि भारत की संत परम्परा ने ही समृद्ध भारत को आधार प्रदान किया है। ऋषि परम्परा का प्रतिनिधित्व संत समाज करता है। विश्व को भारत ने सदैव मार्गदर्शन प्रदान किया है।
उन्होंने कहा कि संकल्प की पवित्रता ही सिद्धि का मंत्र है जिसका जीता-जागता प्रमाण हरिद्वार का श्रीस्वामिनारायण आश्रम और इससे संबंद्ध नवनिर्मित संस्थाएं एवं प्रकल्प हैं। 25 वर्षों में श्री स्वामी नारायण आश्रम ने धर्म, सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो सेवाएं प्रदान की हैं वे प्रशंसनीय हैं। जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि श्रीस्वामीनारायण सम्प्रदाय ने देश-विदेश में भव्य मंदिरों का निर्माण कर धर्म, संस्कृति और स्थापत्य कला के कई आयाम स्थापित किये हैं। स्वामी हरिबल्लभदास शास्त्री ने हरिद्वार में पहली संस्था स्थापित कर श्रीस्वामिनारायण सम्प्रदाय का उत्तर भारत में विस्तार किया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में श्रीस्वामिनारायण सम्प्रदाय के वड्ताल गद्दी के महंत स्वामी घनश्याम प्रकाश जी महाराज ने भव्य रजत जयन्ती समारोह के आयोजन के लिए स्वामी हरिबल्लभदास शास्त्री एवं उनके शिष्यों को आर्शीवाद प्रदान करते हुए कहा कि स्वामी हरिबल्लभदास शास्त्री ने तीर्थनगरी हरिद्वार, वृन्दावन तथा हिमायल क्षेत्र में धार्मिक संस्थाएं स्थापित कर धर्म के प्रचार-प्रसार का कार्य किया है। श्रीदक्षिण काली पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानन्द ब्रह्मचारी ने कहा कि धर्म, संस्कृति का आधार संत है जो समाज का मार्गदर्शन और धर्म के प्रचार-प्रसार का कार्य करते हैं। श्रीस्वामिनारायण संस्था ने कृष्ण भक्ति को देश-विदेश में प्रचारित-प्रसारित किया है। इस अवसर पर म.मं. स्वामी हरिचेतनानन्द, निर्मल पीठाधीश्वर ज्ञानदेव सिंह, कोठारी प्रेमदास, म.मं. स्वामी प्रेमानन्द, महंत कमलदास, स्वामी ऋषिश्वरानन्द, बाबा हठयोगी, स्वामी स्वंयानंद, महंत गंगादास उदासीन, महंत साधनानन्द, आचार्य रविदेव शास्त्री, आचार्य हरिहरानन्द, महंत दिनेश दास सहित संतजन उपस्थित रहे। श्रीस्वामिनारायण सम्प्रदाय के संत स्वामी आनन्द स्वरूप, स्वामी कृष्णप्रकाश, स्वामी भक्तिप्रकाश, स्वामी गंगासागर, स्वामी अक्षरबल्लभ दास, महंत गोविन्दप्रकाश दास, दिव्य बल्लभदास शास्त्री, स्वामी कृष्णबल्लभदास शास्त्री, यजमान परिवार कीरिटभाई, ईश्वर भाई, दिनेशभाई, प्रफुल्लभाई, मोहन झांजी ने स्वामी हरिबल्लभदास शास्त्री एवं संतजनों का भव्य स्वागत किया।
