प्रभारी सचिव डाॅक्टर पंकज पाण्डे ने रुद्रप्रयाग में क्षेत्र निरीक्षण सहित कार्यों की समीक्षा की

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रूद्रप्रयागजनपद प्रभारी सचिव डाॅक्टर पंकज पाण्डे ने ग्राम पंचायत खांकरा में नैना आजीविका स्वायत्त सहकारिता द्वारा संचालित हिलांस रेस्टोरैन्ट पहुँचकर कार्यरत महिलाओं के कार्यों की सरहाना की। कहा कि वर्षभर रेस्टोरेन्ट को संचालित किया जाए जिससे महिलाओं की आजीविका सुदृढ हो सके। इसके पश्चात छातीखाल में मनरेगा के तहत निर्मित दिनेश चन्द्र की गोशाला, 80 हजार की लागत से मनरेगा के तहत निर्माणाधीन कूडादान का निरीक्षण किया।
जिला कार्यालय सभागार में प्रभारी सचिव ने जिलास्तरीय अधिकारियों द्वारा केन्द्र, राज्य सेक्टर, जिला योजना के तहत किए गए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव डाॅ पंकज पाण्डे ने स्वास्थ्य विभाग अर्थात एलोपैथिक, होम्योपैथिक व आयुर्वेदिक विभाग के अधिकारियों को जनपद में कार्यरत डाॅक्टर का बेहतर प्रयोग करने के निर्देश दिए। कहा कि केदारनाथ यात्रा में लाखों श्रद्धालु हर वर्ष आते है तथा उनके द्वारा पैदल यात्रा की जाती है। यात्रा से वापिस आने के दौरान किसी पड़ाव पर आयुर्वेदिक विभाग द्वारा श्रद्धालुओं के लिए स्पा, मसाज आदि की सुविधा होनी चाहिए जहां श्रद्धालु मसाज आदि कराकर रिलैक्स फील कर सके। जनपद में कुपोषण की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य व बाल विकास विभाग को आपसी सहयोग से कार्य करने, समय-समय पर बच्चों व उनके अभिभावकों की काउन्सिलिंग कर हाईजिन, संतुलित आहार के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए। कहा कि हम काउन्सिलिंग के माध्यम से लोगों को कुपोषण से बचाकर बेहतर स्वास्थ्य के लिए जागरूक करने का कार्य कर सकते है।
जनपद में उद्योग, खादी ग्रामोद्योग विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं को दिए जा रहे कौशल विकास प्रशिक्षण के संबंध में मानकानुसार प्रशिक्षण देने की बात कही। कहा प्रशिक्षण हेतु देहरादून के कौशल विकास केन्द्रों से समन्वय कर स्टैण्डर्डाइजड व सर्टिफाइड प्रशिक्षण युवाओं को दिया जाए। देहरादून के केन्द्रों द्वारा निःशुल्क व सर्टिफाइड कोर्स युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में दिया जाता है। इसके साथ ही जनपद के सेवायोजन विभाग में पंजीकृत युवाओं को देहरादून, हरिद्वार के रोजगार मेलों मे प्रतिभाग कराने की बात कही।
प्रभारी सचिव ने सरकार द्वारा संचालित नन्दा गौरा योजना के माध्यम से जनपद में बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहित करने की बात कही। इसके साथ ही राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत विद्यालयों व आग्नवाडी केन्द्रों में बच्चों के किए जा रहे स्वास्थ्य परीक्षण को क्राॅस वेरिफाई कराने, आपदाप्रबन्धन से जुडे अधिकारियों को उनके कार्यो व कर्तव्यो के अनुरूप बुकलेट बनाकर देने के निर्देश भी दिए।
जल संरक्षण की दिशा में किए कार्यो की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि दो चरणों में जनपद के 54 संकट ग्रस्त गांव में अब तक 4430 चाल-खाल, खन्तिंया आदि का निर्माण किया गया जिससे 50 लाख लीटर जल संचयन होगा। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सरदार सिंह चैहान, एपीडी रमेश कुमार, पीई एम एस नेगी, प्रभारी अधिकारी मायादत्त जोशी, सीएमओ डाॅ एस के झा, डिप्टी सीवीओ डाॅ अशाक कुमार, डीएचओ योगेन्द्र सिहं, सीएओ एस एस वर्मा सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

देवभूमि खबर

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