आपदा प्रभावित क्षेत्र की सुध नहीं लिए जाने से मर्तोलिया खफा , बीएसएनएल के खिलाफ आपदा एक्ट में मुकदमा दर्ज करने की मांग
मुनस्यारी। खलिया टाप से हो रहे भूस्खलन से मुनस्यारी के 18 गांवो के लोग भयभीत हो गए है। जिला प्रशासन के एडीएम आरडी पालीवाल के आश्वासन के बाद भी अभी तक खलिया टाप क्षेत्र का भूगर्भीय सर्वेक्षण नहीं हो पाया है। जिसके चलते आज जिप सदस्य जगत मर्तोलिया ने एसडीएम को पत्र दिया और इसके अलावा बी.एस.एन.एल. के खिलाफ आपदा एक्ट में मुकदमा दर्ज करने की मांग भी की।
आपदा प्रभावित क्षेत्र की सुध नहीं लिए जाने से नाराज जिप सदस्य मर्तोलिया ने आज तीन मामले स्थानीय प्रशासन के सम्मुख उठाये। एसडीएम फोनिया से बातचीत कर अपने स्तर से हल होने वाली समस्याओ का समाधान करने की मांग की। कहा कि जो समस्या जिले व प्रदेश से हल होनी है तो उनका समाधान करने के लिए संस्तुति के साथ प्रस्ताव भेजा जाये।
जिप सदस्य मर्तोलिया ने कहा कि बीते दिनों एक बैठक में एडीएम पालीवाल ने कहा था कि खलिया सहित आपदाग्रस्त गांवो का भूकृगर्भवेत्ता के द्धारा सर्वे किया जायेगा, लेकिन इस बात को कहे दस दिन बीत गए है अभी तक सर्वे की टीम यहां नहीं पहुंची है जिप सदस्य ने खलिया,भौलख्वाल्टा सहित 18 गांवो की सूची प्रशासन को सौपा है।
मर्तोलिया ने कहा कि तीन माह से सीमांत क्षेत्र की इंटरनेट सेवा बंद चल रही है। बैकिंग, चालान सहित नेट से चलने वाली सेवाएं बाधित चल रही है। आपदा काल में आमजन बीस से तीस किमी पैदल आ रहे है, नेट नहीं होने के कारण उन्हे वापस लौटना पड़ रहा है। बार बार पत्र व अन्य माध्यमो से आंदोलन के बाद भी बी.एस.एन.एल. चुप बैठ कर तमाशा देख रहा है। इसके खिलाफ आपदा एक्ट के तहत् मुकदमा दर्ज करने की मांग भी की गयी। जिप सदस्य ने धापा ग्राम पंचायत के आपदा प्रभावितो के चार सूत्रीय मांगों पर भी तत्काल प्रभाव से कार्यवाही करने की मांग की।
जिप सदस्य मर्तोलिया ने कहा कि इन समस्याओ का समाधान नहीं हुआ तो हम फिर आंदोलन का सहारा लेंगे।


